9750 किलोग्राम सरिया के मलबे में दबे 4 मजदूर, 10 ने भागकर बचाई जान
727 बी एनएच पर ओवरब्रिज निर्माण में हादसा, सुरक्षा में चूक








9750 किलोग्राम सरिया के मलबे में दबे 4 मजदूर, 10 ने भागकर बचाई जान
जख्मी सभी मजदूर बिहार के, मौके से जिम्मेदार गायब
727 बी एनएच पर ओवरब्रिज निर्माण में हादसा, सुरक्षा में चूक
बलिया: जनपद बलिया के बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र में मुजौना के समीप एनएच 727 बी पर बन रहे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा हुआ। ओवरब्रिज के पिलर निर्माण के दौरान बेस कुआं के लिए खड़ा किया गया सरिया का जाल अचानक असंतुलित हो गया और तेज आवाज के साथ गिर पड़ा। इस दौरान करीब 9750 किलोग्राम सरिया के मलबे में 4 मजदूर दब गए जबकि अन्य 10 मजदूरों ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही उभांव पुलिस भी मौके पर पहुंची। आसपास के मजदूरों और लोगों की मदद से करीब आधे घंटे बाद चारों मजदूरों को किसी तरह बाहर निकाला गया। जिन्हें लहूलुहान हालत में तत्काल सीयर सीएचसी पहुंचाया गया। घायलों की पहचान नूर आलम 40 वर्ष, आमिर अंसारी 42 वर्ष, इस्माइल उर्फ शहादत 26 वर्ष और अब्दुल्ला अंसारी 20 वर्ष के रूप में हुई है। सभी मजदूर बिहार के मधेपुरा एवं भागलपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उभांव थाना पुलिस के साथ सीयर चौकी प्रभारी मुकेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है।
इंजीनियर के गैर मौजूदगी में चल रहा था निर्माण, 7 वें पिलर पर हुआ हादसा
– 727 बी एनएच पर आरएनसी कंपनी द्वारा करीब 1100 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनना है। इसके निर्माण के दौरान हुए हादसे के समय कोई भी जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद नहीं था। मज़दूरों ने दबे जुबान में इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि घटना के करीब 5 घंटे बाद तक कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचे। ओवरब्रिज के लिए कुल 60 पिलर बनना है। जिसमें अब तक 6 पिलर का निर्माण हो चुका है और 7 वें पिलर के निर्माण के दौरान यह हादसा हुआ। इसके निर्माण में 32 एमएम के 180 सरिया लगाया जाना है। प्रति सरिया 32 फिट यानी 10 मीटर लंबा है। जिसका वजन प्रति सरिया 65 किलोग्राम है और करीब 150 सरिया से पिलर का बेस कुआं खड़ा किया जा रहा था। जो अचानक असंतुलित होकर गिर गया।





