प्रधान समेत 31 पर लेखपाल ने दर्ज कराया मुकदमा
नवीन परती पर ‘कब्जे का खेल’ पड़ा भारी




नवीन परती पर ‘कब्जे का खेल’ पड़ा भारी, प्रधान समेत 31 पर लेखपाल ने दर्ज कराया मुकदमा
बलिया: पूर्व प्रधान भगमनी देवी के फर्जी आवास आवंटन के मामलों को लेकर पहले से बदनाम सीयर ब्लॉक का हल्दीरामपुर गांव एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला नवीन परती की जमीन पर गरीबों को बसाने के नाम पर अवैध कब्जा कराने का है, जिसमें वर्तमान ग्राम प्रधान समेत 31 ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। लेखपाल प्रदीप कुमार की लिखित तहरीर पर उभांव थाना में रविवार देर शाम एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि गांव की आराजी संख्या 3828, रकबा 0.322 हेक्टेयर, जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है, उस पर जानबूझकर अवैध कब्जा कराया गया। उक्त गाटा संख्या पर पूर्व प्रधान द्वारा पूर्व में आवास स्थल का आवंटन किया गया था, जिसे जिलाधिकारी न्यायालय ने जुलाई 2023 में निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद आरोपितों ने नए सिरे से पलानी और बांस-बल्ली की घेराबंदी कर झोपड़ियां खड़ी कर दीं और अवैध कब्जा बरकरार रखा।
तहसीलदार के निर्देश पर जब राजस्व टीम कब्जा हटाने मौके पर पहुंची तो वर्तमान प्रधान की पहल पर झोपड़ियां डालकर सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए रखा गया, जिससे प्रशासन को कड़ा रुख अपनाना पड़ा।
इस मामले में प्रधान अनंतदेव सिंह यादव सहित वीर बहादुर, अवधेश, चंद्रिका, सोनू, दिनेश, राकेश, गणेश, धर्मेंद्र, अजय, रामआशीष, सलेंद्र, कन्हैया, रामविलास, लालमुनी, श्यामदेव, उषा, सवरु, रामजी, सुधु राजभर, छोटेलाल राजभर, अमरनाथ, राजेश, मंजू, मुन्नी, रुकमणी देवी, यशवंत, बुचिया देवी, ध्रुवपति, रमिता और मेवाती देवी समेत कुल 31 लोगों को सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया है।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं गांव में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मुकदमा का भय रखने वाले जनसेवा नहीं कर सकते: प्रधान
– नवीन परती पर अवैध कब्जा करवाने के आरोपी एवं हल्दीरामपुर ग्राम पंचायत के प्रधान अनंतदेव सिंह उड़वा उर्फ टाइगर ने कहा कि राजनीति और समाजसेवा में मुकदमा होना सामान्य बात है । इससे घबराने वाले जनसेवा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को मकान और जमीन दिलवाने तक वे पीछे नहीं हटने वाले। नवीन परती पर बसने वाले सभी गरीब और बेसहारा है और उनके लिए हर कानूनी प्रक्रिया के वे सामना करने को तैयार है।



