बलिया

यहां एक घंटे में 40 बार आती है बिजली, हल्की हवा से टूट जाते है तार

सबसे बदत्तर है सोनाडीह फीडर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था

R News Manch

बलियाः ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था योगीराज में भी नहीं सुधर सका है। जनपद बलिया के बेल्थरारोड तहसील अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में तो बिजली की हालत बद से बदत्तर है। सबसे खराब स्थिति तो अवायां विद्युत उपकेंद्र के सोनाडीह फीडर की है। वर्तमान में आलम यह है कि ओवरलोड और जर्जर विद्युत तार के कारण यहां एक घंटे में 40 बार बिजली ट्रीप कर रही है। बिजली आने पर गर्मी में पंखा, कूलर और एसी अभी फूल स्पीड भी नहीं पकड़ता की बिजली गुल हो जाती है। तहसील के सबसे लंबे फीडर सोनाडीह के करीब 13 किलोमीटर लंबे तारों के जाल पूरी तरह से जर्जर हो चुके है। हल्की हवा से ही तार टूट जाते है, जंफर उड़ जाता है और विभाग के लाइनमैन स्वीचआफ कर फरार हो जाते है। खासकर रात में विद्युत आपूर्ति में गड़बड़ी होने पर पूरा विभाग ही अपनी बेबसी बताकर क्षेत्र को अंधेरे में डूबो देते है। दो दिन पूर्व आएं तेज आंधी में नगर के फीडर से जुड़ा मुख्य विद्युत पोल टूट कर गिर गया तो विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीण फीडर को बंदकर नगर को विद्युत आपूर्ति दे दी। जिससे दो दिन तक गांवों में अंधेरा छाया रहा और लोगों में विभागीय रवैये पर आक्रोश व्याप्त हो गया। अवायां विद्युत उपकेंद्र पर ग्रामीण और नगर के दो अलग अलग सेक्शन में कुल सात फीडर है। ग्रामीण सेक्शन में सोनाडीह और छितौना फीडर है। जिसकी विद्युत आपूर्ति क्षमता 260 एम्पीयर की है। लेकिन करीब 13 किलोमीटर में छोटे बड़े गांव के 50 मजरों और पुरवों को रोशन करने वाले सोनाडीह फीडर पर अधिकत्तम 310 से 325 एम्पीयर तक लोड पहुंच जाता है और ओवरलोड से अक्सर विद्युत आपूर्ति बेपटरी ही रहती है। कुछ ऐसी ही स्थिति 12 किलोमीटर लंबे छितौना फीडर की भी है। जबकि नगर सेक्शन में तहसील, मंडी, रेलवे, पंपकैनाल और मिल है।

हर फीडर पर भरपूर है लाइनमैन लेकिन नहीं करते है काम
अवायां उपकेंद्र के सभी सात फीडरों पर भरपूर लाइनमैन है। लेकिन वे बिजली आपूर्ति के तारों और जलते जंफर को दुरुस्त करने के अपने मूल काम महीने में कभी कभार ही करते है। रात में लोकल फाल्ट को लाइनमैन से दुरुस्त कराना तो भगीरथ प्रयास करने जैसा है। विभागीय अधिकारी भी इनकी मनमानी के बहाने अपने जिम्मेदारियों से किनारा कर लेते है। हां, चंदा से मिले सुविधा शुल्क की व्यवस्था होने पर तो ये किसी भी पहर में सीधे यमराज को भी टक्कर दें दे। बताया जा रहा है कि सबसे बड़े फीडर सोनाडीह, छितौना और रेलवे/मंडी के लिए अलग-अलग चार-चार लाइनमैन लगाएं गए है। बावजूद यहां हल्की हवा से हुए लोकल फाल्ट दूर करने में 8 से 10 घंटे लग जाते है।

जेई बदलते ही और बदत्तर हुई आपूर्ति व्यवस्था
पशुहारी उपकेंद्र के साथ ही अवायां विद्युत उपकेंद्र की जिम्मेदारी देख रहे नए जेई हरिप्रकाश प्रजापति ने बताया कि वे अभी अवायां विद्युत उपकेंद्र पर नए आएं है। आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार होगा।

सोनाडीह फीडर को दो भाग में बांटने के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत
बेल्थरारोड के सबसे लंबे सोनाडीह फीडर को दो भाग में बांटने के लिए करीब एक करोड़ का प्रस्ताव तीन माह पूर्व ही शासन को भेजा गया था। जो अब स्वीकृत हो गया है किंतु इसका बजट अभी रिलीज नहीं हो सका है।

अवायां विद्युत उपकेंद्र का फीडरवार तकनीकी क्षमता का विवरण
सोनाडीह- 13 किलोमीटर, क्षमता 260 एम्पीयर, लोड 310-325 एम्पीयर
छितौना- 12 किलोमीटर, क्षमता 260 एम्पीयर, लोड 270-280 एम्पीयर
मंडी- 3 किलोमीटर, क्षमता 200 एम्पीयर, लोड 200 एम्पीयर
पंपकैनाल- 8 किलोमीटर, क्षमता 200 एम्पीयर, लोड 200 एम्पीयर
तहसील- एक किलोमीटर, लोड- 10-15 एम्पीयर
रेलवे – 3 किलोमीटर, लोड 150 एम्पीयर
मिल- 500 मीटर, लोड 5 एम्पीयर


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