इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का आठवां अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान समारोह रांची में धमाकेदार अंदाज़ में सम्पन्न
पत्रकार नहीं बदले… हालात बदल गए हैं!” – सुबोधकांत सहाय




इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का आठवां अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान समारोह रांची में धमाकेदार अंदाज़ में सम्पन्न
“पत्रकार नहीं बदले… हालात बदल गए हैं!” – सुबोधकांत सहाय
“पत्रकार सुरक्षा कानून बिहार-झारखंड में तुरंत लागू हो!” – दीपक प्रकाश
“अखबारों को GST से बाहर करो, काले-सफेद पेपर को भी विज्ञापन मिले” – सेराज अहमद कुरैशी
झारखंड: रांची के पलाश सभागार में बुधवार को पत्रकारिता जगत का महाकुंभ देखने को मिला। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित 8वां अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन व सम्मान समारोह न सिर्फ भव्य रहा, बल्कि पत्रकारों की आवाज़ को बुलंद करने वाला भी साबित हुआ।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा –
“पत्रकार कभी नहीं बदले, बल्कि वक्त ने करवट ली है। पत्रकारों की सुरक्षा अब हक ही नहीं, ज़रूरत है।”
उन्होंने रेल यात्रा में पत्रकारों को मिलने वाली 50% रियायत बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि “अगर पत्रकार एकजुट हो जाएं, तो सरकार को झुकना पड़ेगा।”
वहीं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने मंच से बड़ा बयान दिया –
“पत्रकार खतरे उठाकर खबर लाता है, कभी जान जोखिम में डालकर… ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी बनती है।”
उन्होंने बिहार व झारखंड सहित अन्य राज्यों में यह कानून तत्काल लागू करने की मांग की।
आईजेए राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने GST और विज्ञापन नीति पर तीखे शब्दों में कहा कि
“न्यूज पेपर को जीएसटी से बाहर किया जाए।”
“ब्लैक एंड व्हाइट अखबारों को भी डिस्प्ले विज्ञापन मिलना चाहिए।”
“RNI की प्रक्रिया सरल हो, PCI की नीति में लचीलापन जरूरी है।”
देश-विदेश से पहुंचे पत्रकारों का सम्मान
नेपाल, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, आसाम, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित कई राज्यों से आए सैकड़ों पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. अभिषेक के रामाधीन, सामाजिक सेवा क्षेत्र से शंकर दूबे को भी सम्मान प्रदान किया गया।
पत्रकारों की एकता पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष देवानंद सिन्हा और राष्ट्रीय सचिव मधु सिन्हा ने कहा –
“पत्रकार अगर एक मंच पर आ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगेगी।”
कार्यक्रम संयोजक देवानंद सिन्हा ने सभी अतिथियों का आभार जताया।
सम्मेलन की मुख्य मांगें एक नजर में
✔ पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो
✔ अखबारों को GST से बाहर किया जाए
✔ ब्लैक एंड व्हाइट पेपर को सरकारी विज्ञापन मिले
✔ रेल टिकट में 50% रियायत बहाल हो
✔ RNI और PCI प्रक्रियाओं में सरलीकरण
✔ पत्रकार संगठनों को एकजुट होने की अपील
आखिर में मंच से गूंजा नारा
“कलम की ताकत को मत आंकिए, यही कल सरकारें बदलती है।









