तहसीलदार न्यायालय से न्याय की फाइल गायब
फरियादी को न्याय की जगह लगानी पड़ रही चक्कर

तहसीलदार न्यायालय से न्याय की फाइल गायब, फरियादी को न्याय की जगह लगानी पड़ रही चक्कर, प्रशासनिक लापरवाही उजागर
बलिया: बेल्थरारोड तहसीलदार न्यायालय में एक बार फिर प्रशासनिक अव्यवस्था का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नवीन परती भूमि विवाद के निस्तारण के लिए चकहबसापुर निवासी श्रीराम यादव द्वारा विधिवत दाखिल की गई पत्रावली रहस्यमय ढंग से तहसील न्यायालय से गायब हो गई। फाइल के लापता होते ही पीड़ित का मामला ठंडे बस्ते में चला गया और न्याय की उम्मीद लगाए फरियादी को तहसील कोर्ट से लेकर जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
पीड़ित का आरोप है कि उसने कई बार तहसीलदार न्यायालय में संबंधित बाबुओं और कर्मचारियों से पत्रावली के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन हर बार उसे टालमटोल और आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। फाइल न मिलने से न केवल मामले की सुनवाई रुकी हुई है, बल्कि पीड़ित को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है।
श्रीराम यादव ने इस गंभीर लापरवाही के पीछे तहसीलदार न्यायालय के बाबू व कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए संभावित संलिप्तता की भी आशंका जताई है। आखिर महत्वपूर्ण राजस्व वाद की फाइल कैसे और किसके संरक्षण में गायब हुई, यह बड़ा सवाल बन गया है।
न्याय न मिलने से हताश पीड़ित ने अब पीजी पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। तहसील न्यायालय से पत्रावली गायब होने की इस घटना ने राजस्व विभाग की रिकॉर्ड सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है, वहीं आम लोगों के मन में यह सवाल भी छोड़ दिया है कि अगर न्याय की फाइलें ही सुरक्षित नहीं हैं, तो न्याय कैसे मिलेगा?




