Uncategorizedअन्यउत्तरप्रदेशबलियाराजनीति

बलिया में शोक की लहर: रसड़ा के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन

गरीबों के मसीहा और विकास पुरुष के रूप में थी पहचान

R News Manch

बलिया में शोक की लहर: रसड़ा के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, गरीबों के मसीहा और विकास पुरुष के रूप में थी पहचान

बलिया: रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक, गरीबों के मसीहा और विकास पुरुष के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उमाशंकर सिंह का बुधवार रात निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा समेत पूरे बलिया जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और आम जनजीवन से जुड़े लोग गहरे दुख में डूब गए।

करीब 55 वर्षीय उमाशंकर सिंह लंबे समय से कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। बीमारी के बावजूद उनका क्षेत्र की जनता से लगातार जुड़ाव बना रहा। विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता हमेशा चर्चा का विषय रही।

उनके निधन की सूचना मिलते ही बुधवार रात करीब 10 बजे से रसड़ा स्थित उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों का तांता लग गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और हर वर्ग के लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उमाशंकर सिंह का नाम एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में लिया जाता था, जिन्होंने विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े अनेक कार्यों के कारण उन्हें “विकास पुरुष” की पहचान मिली। वहीं गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की हर संभव मदद करने के कारण जनता उन्हें “गरीबों का मसीहा” कहकर सम्मान देती थी।

उमाशंकर सिंह की सबसे बड़ी विशेषता उनका मधुर, सरल और मिलनसार स्वभाव था। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर वे सभी दलों के नेताओं और आम लोगों से आत्मीय संबंध रखते थे। इसी व्यवहार के कारण वे केवल अपने समर्थकों ही नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों के बीच भी सम्मानित थे।

वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक थे और अपने दमदार जनाधार तथा जनसेवा के लिए पूरे प्रदेश में पहचान रखते थे। उनके निधन से बसपा को भी बड़ी राजनीतिक क्षति हुई है।

निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई। गांव-गांव, कस्बों और शहरों में लोग उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र ने अपने सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों में से एक को खो दिया है।

उमाशंकर सिंह का निधन केवल रसड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया और पूर्वांचल की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। क्षेत्र की जनता उन्हें उनके विकास कार्यों, जनसेवा, सादगी, मधुर व्यवहार और गरीबों के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद रखेगी।


R News Manch

Related Articles