फेसबुक पर नौकरी का झांसा, गार्ड बन गया 14 करोड़ का जीएसटी बकायेदार!
राजस्थान में कंपनी के नाम पर हुआ करोड़ों का लेनदेन






फेसबुक पर नौकरी का झांसा, गार्ड बन गया 14 करोड़ का जीएसटी बकायेदार! राजस्थान में कंपनी के नाम पर हुआ करोड़ों का लेनदेन
बलिया: डिजिटल युग में ठगों द्वारा धोखाधड़ी के नए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। हरिद्वार में गार्ड की नौकरी कर रहे बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील के सिसोटार दियरा गांव निवासी अखिलेश शर्मा के साथ डिजिटल स्कैम का बड़ा मामला सामने आया है। फेसबुक पर सुपरवाइजर की नौकरी का लालच इतना भारी पड़ा कि वे अब 14 करोड़ रुपए के जीएसटी बकायेदार हो गए।
पीड़ित अखिलेश ने बताया कि जनवरी माह में फेसबुक पर आई एक लिंक पर दिए गए नंबर से उसने संपर्क किया। फोन पर खुद को “कोमल शर्मा” बताने वाली युवती ने 25 हजार रुपए मासिक वेतन पर सुपरवाइजर की नौकरी देने का भरोसा दिलाया। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और भरोसे में लेकर युवती ने आधार, पैन, फोटो और अन्य दस्तावेज मांगे। साथ ही ज्वाइनिंग प्रक्रिया के नाम पर ओटीपी भी मांगा।
कुछ दिनों बाद युवती का नंबर बंद हो गया और अखिलेश ने सोचा कि शायद नौकरी नहीं मिली। लेकिन कुछ महीनों बाद जब जीएसटी विभाग से फोन आया और बताया गया कि उनके नाम से “शर्मा इंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी राजस्थान में चल रही है, तब उनके होश उड़ गए। बताया गया कि उस कंपनी के नाम पर 28 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है और अब वे 14 करोड़ रुपए के जीएसटी बकायेदार हैं।
जीएसटी अधिकारियों ने बलिया में उनके घर नोटिस चस्पा किया। हैरान-परेशान अखिलेश हरिद्वार से बलिया पहुंचे और एसपी एवं कर अधिकारियों को पूरी घटना बताई। उन्होंने डिजिटल ठगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कर अधिवक्ता पंकज पांडे ने बताया कि पूरे प्रकरण में अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण एक सामान्य युवक डिजिटल स्कैम का शिकार हो गया। समय रहते अगर जीएसटी फॉर्म की पहले ही अधिकारियों द्वारा स्थलीय जांच किया गया होता तो सरकार के करोड़ों की टैक्स की भी चोरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल सरकार के टैक्स के चोरी का है और इसका मोहरा एक कम जानकार एवं लाचार व्यक्ति ही गया है।
यह मामला ऑनलाइन फ्रॉड का ऐसा ताजा उदाहरण है जो लोगों को सावधान करता है कि फेसबुक या अंजान लिंक पर नौकरी के झांसे से बचें, वरना जिंदगीभर का नुकसान उठाना पड़ सकता है।





