सांसद बोले- शिक्षकों की नौकरी पर आंच नहीं आने देंगे, संसद में उठाएंगे मुद्दा
टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर मुखर हुए शिक्षक, सांसद को सौंपा ज्ञापन

टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर मुखर हुए शिक्षक, सांसद को सौंपा ज्ञापन
सांसद बोले- शिक्षकों की नौकरी पर आंच नहीं आने देंगे, संसद में उठाएंगे मुद्दा
बलिया: पहले से नियुक्त शिक्षकों पर टेट (टीईटी) परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक बेल्थरारोड के उभांव मोड़ पर एकत्र हुए और सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ‘विद्यार्थी’ को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की।
शिक्षकों ने सांसद को बताया कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता लागू किया जाना न्यायसंगत नहीं है। इससे हजारों शिक्षक मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। उन्होंने मांग की कि पहले से नियुक्त शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्त किया जाए, ताकि उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद रमाशंकर राजभर ‘विद्यार्थी’ ने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी मांग पूरी तरह न्यायोचित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। सांसद ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य का निर्माण करते हैं और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की नौकरी नहीं ले सकती और यदि ऐसी कोई स्थिति बनी तो वह सदन से लेकर सड़क तक शिक्षकों की आवाज बनेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। लोकतंत्र में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है। सांसद ने शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी मांगों के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, महामंत्री डॉ. राजेश पांडेय, सीयर शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार, जयप्रकाश यादव, जितेंद्र प्रताप सिंह, ज्ञानेंद्र गुप्ता, उदय प्रताप यादव, छोटेलाल, राहुल, जयप्रकाश मौर्य, कृष्णकांत यादव, हरिमोहन सिंह, अरुण कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।









