सड़क से 24 साल बाद भी महरुम है हल्दीरामपुर मठिया की नई बस्ती
बाढ़ से विस्थापित इलाके को घुटनों भर पानी से बचाने पहुंचे ब्लाक प्रमुख

बलियाः जनपद बलिया में सरयू के बाढ़ का दर्द आज भी सीयर ब्लाक के हल्दीरामपुर मठिया नई बस्ती के इलाकईयों में ताजा है। 1998 के बाढ़ में अपना घर बार सबकुछ खो चुके यहां के करीब 50 परिवार को शासन ने विस्थापित कर नई बस्ती में शरण दिलाया था। उम्मीद थी कि इनके विस्थापित स्थान तक सरकार की लाभकारी योजनाएं दिखेंगी। लेकिन बाढ़ की त्रासदी के 24 साल बाद भी यहां की आबादी सिर्फ अपने दम पर झोपड़ी और टूटे फूटे मकान ही खड़ा कर सकी है। सरकारी योजना के नाम पर बिजली यहां जरुर पहुंच गई। यदा कदा शौचालय भी बनवाएं गए लेकिन यहां अधिकांश घर आज भी कच्चा और खप्पड़ का ही है। रास्ता के नाम पर यहां सिर्फ गड्ढानुमा पगडंडी ही है। बारिश के दिनों में घुटनोभर पानी में होकर आना जाना ही यहां के लोगों की आज भी नियती है।

ग्रामिणों ने ब्लाक प्रमुख से लगाई गुहार
ग्रामिणों ने इस विस्थापित आबादी को सड़क से जोड़ने के लिए ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह से गुहार लगाया तो शनिवार को ब्लाक प्रमुख ने मौके का निरीक्षण किया। विकास से कोसों दूर आबादी को देख ब्लाक प्रमुख भी हैरान रह गए। उन्होंने पूरे गांव का भ्रमण किया। जिससे लोगों को गांव में सड़क और जलजमाव से निजात मिलने की उम्मीद जग गई है। इस दौरान आनंद सिंह छोटू, ध्रुप सिंह, सुभाष निषाद, ओमप्रकाश साहनी, अमरनाथ राजभर, विधिचंद्र साहनी, जयप्रकाश राजभर, दिनेश यादव, राजाराम कन्नौजिया, सागर निषाद, कपूर कन्नौजिया, भरत राजभर, विरेंद्र राजभर, दिनेश यादव, विनोद यादव, कौशिया देवी, पूनम देवी, अक्षयलाल राम अनूप कन्नौजिया समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

16 अगस्त से होगा सड़क निर्माण का कार्य, मिलेगी जलजमाव से मुक्ति
सीयर ब्लाक के प्रमुख आलोक सिंह ने कहा कि 1998 के बाढ़ में विस्थापित हल्दीरामपुर मठिया नई बस्ती में सड़क निर्माण के लिए मिट्टी का कार्य 16 अगस्त से शुरु होगा और इस आबादी को सरकार के लाभकारी योजनाओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। बताया कि दो से तीन माह में इस इलाके में सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो जायेगा। उन्होंने बाढ़ के 24 वर्ष तक सरकारी योजनाओं से वंचित इस आबादी के वर्तमान दुर्दशा के लिए अब तक जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार बताया। साथ ही ग्रामप्रधान से भी उन्होंने ग्राम पंचायत से यहां विकास कार्य में मदद की अपील की है।

विस्थापन के 24 वर्ष बाद भी विकास न होना दुर्भाग्य
ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह ने कहा कि बाढ़ से विस्थापित इलाके में 24 वर्ष बाद भी विकास न होना दुभाग्य की बात है और इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधि को अपनी जिम्मेदारी लेना चाहिए। विस्थापित इलाकों में तो प्राथमिकता के आधार पर हर योजना को पहुंचाना चाहिए।




