जानिए किस छट्ठू राम के लिए भाजपा ने काटा सीटिंग विधायक का टिकट
बलिया जनपद के बिल्थरारोड सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी बने पूर्व मंत्री छट्ठू राम

बलियाः जनपद बलिया के बिल्थरारोड सुरक्षित विधानसभा सीट से भाजपा ने सीटिंग विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काट दिया। यहां से भाजपा ने पार्टी में शामिल हुए दर्जा प्राप्त मंत्री रहे छट्ठू राम को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वे पहली बार भाजपा के कमल चुनाव चिंह पर चुनाव लड़ेगे। छट्ठू राम 2011 में तत्कालीन बसपा सरकार में पैक्सफेड के पूर्व चेयरमैन थे और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाएं गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में वे बिल्थरारोड सीट से बसपा प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ चुके है। वे 47066 वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे। 2017 के चुनाव में बसपा ने उनका टिकट काटकर पूर्व मंत्री घूरा राम को दे दिया था। जिसके बाद उन्होंने 2019 में बसपा की राजनीति से टाटा बायबाय कह दिया।

भाजपा से छट्ठू राम के नाम की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
छट्ठू राम के नाम की पार्टी से घोषणा होते ही यहां कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। रेलवे चैराहा पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और एकदूसरे को मिठाई खिलाया। छट्ठू राम ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, वह क्षेत्रीय जनता के आशीर्वाद से हर हाल में पूरा होगा और प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनेगी। इस दौरान नपं चेयरमैन दिनेश गुप्ता, भाजपा नेता डा. दयानंद वर्मा, अर्जुन राजभर, सतीश कुमार गुप्ता, विनय सिंह, पंकज मिश्र, गुलाबचंद्र मौर्य उर्फ कैप्टन साहब, अभिनव सिंह राजू, अजीत राव, आलोक गुप्ता, पिक्की वर्मा समेत अनेक भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

एमए पास है 52 वर्षीय छट्ठू राम
भाजपा से प्रत्याशी बने छट्ठू राम की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है और वे करीब 52 वर्ष के है। छट्ठू राम मूल रुप से बलिया जनपद के नेहता सिवानकलां के मूल निवासी है और अस्थायी तौर पर बिल्थरारोड में पिछले तीन वर्ष से लगातार जनता के बीच जमे हुए है। पत्नी चतुर्थश्रेणी कर्मचारी है।

तीन वर्ष तक बिना दल पार्टी के जनता के बीच जमे रहे छट्ठू राम
बसपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाने वाले छट्ठू राम का बसपा ने 2017 से बिल्थरारोड से अचानक टिकट काट दिया। बावजूद वे लंबे समय तक पार्टी के लिए लगे रहे। बसपा में रहकर राजनीति कर चुके छट्ठू राम कई प्रमुख पदों पर रह चुके है। बसपा के यूपी में जोनल कोआर्डिनेटर रहने के बाद गुजरात प्रभारी रहे और बिहार इकाई के भी प्रभारी रहे। लेकिन 2019 में पार्टी के अंदर मनमुटाव और विवाद पर छट्ठू राम ने पार्टी से खुद ही इस्तिफा दे दिया और तीन वर्ष तक बिना किसी दल पार्टी के बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच जमे रहे। वे इस बीच कई जनआंदोलन के भी मुख्य कडी बने।



