उत्तरप्रदेशबलिया

यहां हर मोड़ पर चलता है हत्यारा हास्पिटल

आशाओं के भरोसे खुब हो रहा अवैध आपरेशन, पूरे खेल में अधिकारी और पैथोलाॅजी संचालक भी शामिल

R News Manch

बलियाः जनपद बलिया के बेल्थरारोड में इन दिनों हर मोड़ पर हत्यारे हास्पिटलों की भरमार सी हो गई है। बिना किसी रजिस्ट्रेशन और सर्जन के सर्जरी का खेल भी जारी है। विभागीय नियमों को अनदेखा कर बेल्थरारोड में कुकुरमुत्ते की तरह यहां जगह जगह हास्पीटल संचालित किए जा रहे है। जहां प्रसूता महिलाओं के जिंदगी के साथ सीधे खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पूरे खेल में पैथोलाॅजी संचालकों की भी सीधी सहभागिता है। जबकि क्षेत्रीय प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना हुआ है। जबकि स्वास्थ्य महकमा के उच्चाधिकारी भी बेखबर बने हुए है।


चौकियां मोड़ के अस्पताल पर जच्चा बच्चा की मौत की चित्कार को भी अधिकारियों ने किया अनसुना
बेल्थरारोड के चौकियां मोड़ पर संचालित डिलक्स अस्पताल में शनिवार को ही पचमा गांव से पहुंची प्रसूता समेत नवजात की आपरेशन के बाद मौत हो गई। मृतका के मां ने पहले तो अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। जिसके बाद अस्पताल से डाक्टर और अधिकांश जिम्मेदार फरार हो गए। हंगामे की आशंका पर पुलिस भी पहुंची किंतु विभागीय सेटिंग और रहमोकरम पर मनमानी करने वाले अस्पताल संचालकों के जाल में पीड़िता का परिवार कराह कर रह गया। क्षेत्रीय दबाव और लकड़पेंच के आगे दो मौत की चित्कार भी दब गई। मां बेटी की मौत की गम में डूबे परिजनों ने अस्पताल माफियाओं से टकराने के बजाएं चुप रहने में ही भलाई समझी। इधर अधिकारियों ने लिखित शिकायत न मिलने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
विवाद के बाद साल में अस्पताल का कई बार बदलता है स्थान और नाम
चैकिया मोड़ पर पैसे के खेल में आपरेशन के बाद जच्चा बच्चा के मौत का यह पहला वाक्या नहीं है। बेल्थरारोड में अनेक अवैध अस्पताल में प्रसूताओं के मौत और हंगामे के बाद कई अस्पताल के बोर्ड रातोंरात उतर गए है। कुछ वर्ष पूर्व ही कुण्डैल रेल क्रासिंग के पास भी ऊषा अस्पताल के नाम से संचालित अवैध नर्सिग होम में एक प्रसूता की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था। यहां डाक्टर की डिग्री तक फर्जी मिला किंतु विभागीय जांच ढाक के तीन पात रही। रातोंरात यहां से अस्पताल का बोर्ड उतर गया और वहीं डाक्टर अब दूसरे नाम से यहां ठिकाना बदल पूरे स्वास्थ्य विभाग को ठेंगा दिखा रहा है। पिछले वर्ष तीनमुहानी पर भी एक अस्पताल में नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। जांच के लिए पुलिस पहुंची किंतु विभागीय जांच के नाम पर सेटिंग के खेल में यहां भी रातोंरात बोर्ड उतारकर हत्यारे अस्पताल के संचालक ने नाम बदलकर सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया।
हत्यारे अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग होता है मेहरबान, सेटिंग करते है पैथोलाॅजी संचालक
बेल्थरारोड में हत्यारे अस्पताल के रुप में बदनाम करीब दर्जनभर नर्सिंग होम और अस्पताल अक्सर नाम बदलकर ठिकाना बदल लेते है। जिस पर स्वास्थ्य महकमा भी मेहरबान रहता है। पूरे खेल में सेटिंग की मुख्य कड़ी पैथौलाॅजी संचालक ही होते है। बेल्थरारोड में अब तक बदनाम करीब आधा दर्जन अस्पतालों पर एक ही पैथोलाॅजी का कब्जा भी रहा है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है।


R News Manch

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *