बिल्थरारोड में भाजपा को मिलेगी तिहरी चुनौती
भाजपा पर सम्मान बचाने का बढ़ा दबाव

बलियाः जनपद बलिया के सुरक्षित विधानसभा सीट बिल्थरारोड में भाजपा को तिहरी चुनौती का सामना करना होगा। भाजपा के अंदर लंबे समय से चले आ रहे असंतोष, सपा और बसपा को चित करने की चुनौती और स्वयं को फिर से साबित करने का दबाव वर्तमान प्रत्याशी छट्ठू राम के लिए आसान नहीं होगा। बसपा की राजनीति में स्वयं को स्थापित करने के बाद भाजपा के साथ नई राजनीतिक पारी भी वर्तमान प्रत्याशी के लिए चुनौतीभरा दिख रहा है। लंबे समय बाद यूपी में सत्ता सुख भोग चुकी भाजपा तो अपना कोई सीट गंवाना नहीं चाहेगी और लगातार दूसरी बार यूपी में सरकार बनाने का कोई दांव नहीं छोड़ेगी लेकिन नए चेहरा के भरोसे चुनावी नैया पार करना भी मुश्किल भरा दिख रहा है।
छट्ठू राम के डूबते राजनीतिक कैरियर को भाजपा से मिलेगी संजीवनी!
यूपी में हुए 2012 के विधानसभा चुनाव में छट्ठू राम बिल्थरारोड से भाग्य आजमा चुके है और वे करीब 10300 वोट से हार गए थे। 2017 के चुनावी रणभूमि से वे पूरी तरह से बाहर थे। इस बार वे अपने हार का बदला चुका पायेंगे, यह सबसे बड़ी चुनौती खुद उनके लिए बनी हुई है। हालांकि वे पहली बार भाजपा के सहारे है। बसपा के बाद भाजपा की राजनीति उन्हें कितना रास आयेगी यह तो समय बतायेगा किंतु फिलहाल भाजपा ने उनको अपना प्रत्याशी बनाकर उनके डूबते राजनीतिक कैरियर को नया अवसर दिया है। अब यह अवसर उनके लिए संजीवनी बनेगी यह तो जनता जर्नादन के हाथों में है।



