बलिया में भाजपा में बगावत, सपा में भी विद्रोह का अंदेशा
डैमेज कंट्रोल में लगे दिग्गज नेता, पार्टी बना रही रणनीति

बलियाः यूपी विधानसभा चुनाव के तहत बलिया जनपद के सभी सात सीटों पर 3 मार्च को मतदान होना है। बसपा और भाजपा ने सभी सातों सीटों पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। जिसके कारण खासकर भाजपा में कई सीटों पर बगावती सुर मुखर हो गए है। जबकि जनपद के चार सीटों पर सपा द्वारा अब तक प्रत्याशी न उतारने से यहां भी विद्रोह का अंदेशा बना हुआ है। वेटिंग कंडिडेट की बेचैनी बढ़ी है और कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में है। जनपद के बैरिया और बिल्थरारोड सीट पर भाजपा ने सीटिंग विधायक का टिकट काट दिया है और बलिया से मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला को इस बार बैरिया विधानसभा से उम्मीदवार के रुप में उतार दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने बलिया सदर से विधायक और मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला के क्षेत्रीय विरोध को देखते हुए उनका सीट बदल दिया है। जिसके कारण बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह ने निर्दल चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोंक दिया है। जिससे भाजपा की मुसीबतें बढ़ गई है। वहीं भाजपा ने बलिया सदर से पार्टी के दिग्गज नेता दयाशंकर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने बलिया में सिर्फ फेफना से मंत्री उपेंद्र तिवारी और सिकंदरपुर से संजय यादव को एक ही स्थान से दोबारा मौका दिया है बाकि सभी पांच सीटों पर नया चेहरा पर भरोसा जताया है। बांसडीह से 2017 में बगावत कर चुकी भाजपा नेत्री केतकी सिंह इस बार भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी से चुनाव मैदान में उतार दिया है। इधर बिल्थरारोड में भाजपा से बागी होकर बसपा से उम्मीदवार बने प्रवीण प्रकाश के समर्थन में कई भाजपा नेताओं ने पार्टी को बाय कर दिया और बसपा के साथ हो लिए है। अब भाजपा जनपद के विभिन्न सीटों पर डैमेज कंट्रोल में लग गई है। पार्टी के दिग्गज नेता इसके लिए रणनीति बनाकर फिल्डिंग में लग गए है।





