अधिकारी उड़ा रहे एमएलए प्रोटोकाॅल की धज्जियां
बेल्थरारोड विधायक हंसू राम ने लगाया आरोप, सदन में उठेगा मामला

बलिया: सत्ताधारी दल का विश्वासपात्र बनने के लिए प्रशासनिक अधिकारी इन दिनों एमएलए प्रोटोकाॅल की धज्जियां उड़ा रहे है। जबकि सरकार के शीर्ष मंत्री और यूपी सीएम प्रदेश के विकास को लेकर विपक्ष के नेता के प्रति भेदभावपूर्ण भाव से कोसों दूर है। उक्त बातें बेल्थरारोड विधायक हंसू राम ने बुधवार को जागरण से कहा। उन्होंने बेल्थरारोड तहसील के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के आसरा आवास योजना के तहत लाभार्थी के आवास आवंटन कार्यक्रम की जानकारी क्षेत्रीय विधायक को नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है और इसे एक जनप्रतिनिधि का अपमान बताया है। उन्होंने इसे लेकर मंगलवार की देर शाम अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट भी डाला है। विधायक हंसू राम ने कहा कि क्षेत्र के विकास को लेकर किसी भी तरह के निर्णय और समारोह की जानकारी अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय विधायक को न देना गंभीर मामला है। इसे वे सदन में भी उठायेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे विपक्षी दल के विधायक है किंतु विकास के मामलों में योगी सरकार के मंत्री से सीधे मुलाकात करते है। सरकार की मंशा किसी भी विपक्षी दल के जनप्रतिनिधि से भेदभावपूर्ण वाली नहीं है। बेल्थरारोड के विकास के लिए वे नगरविकास मंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री, ऊर्जा मंत्री से भी मिल चुके है और उनके अनेक प्रस्ताव को योगी सरकार के विभिन्न मंत्रालय ने हरी झंडी भी दिया है किंतु क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारी इसकी गंभीरता नहीं समझ रहे है। वे विपक्षी दल के विधायक की उपेक्षाकर सरकार के विश्वासपात्र बनना चाहते है और सत्तासुख लेना चाहते है। किंतु एमएलए प्रोटोकाॅल का उलंघनकर जनप्रतिनिधि की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। आपको बता दें कि 14 जून मंगलवार को बेल्थरारोड तहसील सभागार में डूडा के परियोजना अधिकारी द्वारा आसरा शहरी आवास योजना के चयनित पात्रों का आवास आवंटन कर दिया गया। विधायक का आरोप है कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। जबकि आवास आवंटन के लिए वे स्वयं संबंधित विभाग के मंत्री से मिलकर लिखित ज्ञापन सौंपा था।



