योगीराज में बिगड़ी खाकी, थाने में फरियादियों को मिल रही गाली
एक दिन पूर्व ही प्रधानों ने भी लगाया था दुर्व्यवहार का आरोप

बलियाः योगी राज में खाकी की कार्यशैली अंग्रेजों जैसी क्रूर हो गई है। फरियादियों को थाने से धक्के मारकर थानेदार भगाने लगे है और थानों में फरियादियों की पिटाई भी हो रही है। कारण कि थानेदार साहब का या तो मूड खराब था या फिर विपक्षी थानेदार का करीबी था। जनपद बलिया के गड़वार थाने में फरियादी को पिटने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि फरियाद लेकर भीमपुरा थाना पहुंचे आरटीआई कार्यकर्ता ने थानाध्यक्ष पर धक्का देकर भगाने का आरोप लगाया है। वैसे भीमपुरा थानाध्यक्ष पहले से ही आमजन संग दुव्र्यहार करने को लेकर चर्चित रहे है। एक दिन पूर्व ही क्षेत्र के प्रधानों ने उन पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम दीपशिखा सिंह से कार्रवाई की गुहार लगाया था। अभी इस प्रकरण की जांच चल ही रही है कि भीमपुरा थानाध्यक्ष ने आरटीआई कार्यकर्ता को सिपाही के साथ धकियाकर थाना से बाहर कर दिया।
थानाध्यक्ष के इशारे पर एक सिपाही ने किया गेट से बाहर
थानाध्यक्ष के साथ ही एक सिपाही ने भी फरियादी आरटीआई कार्यकर्ता को गेट तक धक्का देकर भगाया। मामला 30 अगस्त का बताया जा रहा है। जिसकी शिकायत पीड़ित ने बुधवार की देर शाम यूपी के डीजीपी और बलिया एसपी समेत उच्चाधिकारियों को ट्वीट और मेलकर किया। साथ ही अपनी शिकायत आईजीआरएस पर भी दर्ज कराई। एक दिन पूर्व ही भीमपुरा थानाध्यक्ष के अभद्र रवैये के खिलाफ एकजुट हुए प्रधानों ने एसडीएम दीपशिखा सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपा था और प्रधानों को गाली देने एवं प्रधान प्रतिनिधियों को जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पीड़ित सिंहासन चैहान ने बताया कि विनोद चैहान नाम ने अपने फेसबुक आईडी से 25 अगस्त को उन्हें पागल और दलाल बताते हुए अभद्र टिप्पणी संबंधित एक पोस्ट डाला था। जिसकी शिकायत लेकर वे भीमपुरा थाना पहुंचे थे। जहां कार्रवाई के लिए गुहार लगाने पर थानाध्यक्ष ने पीठ पर धक्का देकर बाहर कर दिया। जिसके बाद थानाध्यक्ष के निर्देश पर एक सिपाही ने उन्हें हाथ पकड़कर थाना से बाहर कर दिया।
निराधार है आरोपः थानाध्यक्ष
भीमपुरा थानाध्यक्ष आरएस नागर ने प्रधान और आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा लगाएं गए दुर्व्यवहार के कारण आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि थाना आमजन के लिए है। यहां किसी के साथ दुव्र्यवहार और धक्का देकर भगाने का आरोप पूरी तरह से गलत है। उन्होंने बताया कि सिंहासन चैहान थाने पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे किंतु उनकी शिकायत में कार्रवाई करने जैसा कोई आधार नहीं था।




