क्षतिग्रस्त ठोकरों के बीच कटान हुआ तेज, दो घंटे में सरयू में समा गया दो बिगहा
देर रात टार्च लेकर हालात देखने पहुंचे बाढ़ खंड के जेई

बलियाः सरयू किनारे चैनपुर में नदी के कटान ने मंगलवार को जमकर तांडव मचाया। नदी की लहरों से क्षतिग्रस्त हुए यहां के दो ठोकरों के बीच कटान ने अचानक तेजी पकड़ा तो महज दो घंटे में यहां की दो बिगहा उपजाऊ भूमि नदी में समा गई।

हाहानाला से महज 50 मीटर दूर कटान से बढ़ा खतरा
सरयू नदी का कटान यहां हाहानाला बंधा से महज 50 मीटर दूर तेजी से हो रहा है। जिससे बंधा और आबादी को सीधे खतरा दिखने लगा है। सूचना मिलते ही मंगलवार की रात बाढ़ खंड के जेई संजय मिश्र टार्च लेकर बंधे पर पहुंचे। क्षेत्र के जिलापंचायत सदस्य दिनेश यादव के साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों ने अंधेरे में ही घंटों स्थिति का जायजा लिया। जिपं सदस्य ने सरयू के कटान से आबादी और बंधा बचाने के लिए विभागीय अधिकारियों से आवश्यक पहल करने का मांग किया। इस वर्ष सरयू की लहरें पहली बार सीधे दो ठोकरों के बीच टकरा रही है। जिससे स्थिति विकट हो गई है। हालांकि यहां कटान से हाहानाला तटबंध को बचाने के लिए पांच ठोकरे बनाई गई है। इनमें तेज कटान में दो क्षतिग्रस्त हो गई है। आबादी और बंधा बचाने के लिए इन ठोकरों के मरम्मत और कटानरोधी कार्य जरुरी हो गया है।

बंधा बचाने को होगा हर जतनः जेई
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता संजय मिश्र ने बताया कि नदी की लहरों से दो ठोकरों के बीच चैनपुर में कटान हुआ है। जिससे हाहानाला बंधा पर दबाव बढ़ा है। इससे बचाव के लिए मौके पर हर जतन किए जायेंगे। बंधा और आबादी पर किसी तरह का नुकसान नहीं आने दिया जायेगा। बताया कि इमरजेंसी डैमेज कंट्रोल के तहत 24 घंटे के अंदर मौके पर कटानरोधी कार्य शुरु कर दिए जायेंगे।
धीमी गति से सरयू में बढ़ाव जारी
सरयू के जलस्तर में बुधवार को धीमी गति से बढ़ाव दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार डीएसपी हेड पर नदी के जलस्तर में पिछले 16 घंटे में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार की सुबह नदी का जलस्तर 62.680 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी नदी वर्तमान समय में खतरा निशान से 2.33 मीटर नीचे हो गई है। खतरा निशान 64.010 मीटर दर्ज है।



