उत्तरप्रदेशबलिया

37 वर्ष बाद बेल्थरारोड को मिले विपक्षी दल के विधायक

बेल्थरारोड के राजनीतिक इतिहास का टूट गया मिथ्या

R News Manch

बलियाः जनपद बलिया में करीब 37 वर्ष बाद बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र की जनता को विपक्षी दल के विधायक मिले है और 2022 के चुनाव में सुभासपा के हंसू राम विधायक हुए है। जबकि प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनी है। इस विधानसभा सीट को लेकर अब तक यह दावा किया जाता रहा है कि बेल्थरारोड विधानसभा से जिस दल के विधायक हुए, उसी पार्टी की प्रदेश में सरकार बनती रही है। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में यह मिथ्या टूट गया। वैसे तो 2022 के चुनाव में राजनीति के कई मिथ्या टूट गए। मसलन यूपी में लगातार दूसरी सरकार अब तक नहीं बन सकी थी। साथ ही जो भी सीएम नोएडा गया, उनका हारना तय माना जाता रहा है किंतु योगी जी के बुल्डोजर वाली सरकार ने 2022 के चुनाव में कई राजनीतिक पंडितों के दावों और इतिहासों को पलट दिया। बेल्थरारोड विधानसभा से भी पहली बार 1985 के चुनाव में शारदानंद अंचल लोकदल से सदन पहुंचे किंतु सरकार कांग्रेस की बनी। वे इस क्षेत्र से पहले विपक्षी दल के विधायक रहे है। इनके बाद 2022 से पहले तक सत्ता पक्ष के ही विधायक यहां जीतते रहे है। 1989 में जनता दल से शारदानंद अंचल, 1991 में भाजपा के हरिनारायण राजभर विधायक हुए और इन्हीं दलों की सरकार बनी। जबकि 1993 में सपा से फिर शारदानंद अंचल, 1996 में भाजपा से हरिनारायण राजभर और 2002 में सपा से चैथी बार शानदानंद अंचल जीते और इस दौरान प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनी। उसके बाद 2007 में यहां पहली बार बसपा से केदार वर्मा जीते, 2012 में सपा के गोरख पासवान और 2017 में भाजपा के धनंजय कन्नौजिया जीतकर सदन गए और इन्हीं दलों की सरकार बनती रही। 2022 में भी भाजपा की सरकार बनने और इस सीट से भाजपा के जीत की पूरी उम्मीद थी किंतु अंत समय में अब तक के सबसे कम वोट से भाजपा के हारने का रिकार्ड बन गया और 37 वर्ष के राजनीतिक इतिहास का मिथ्या टूट गया।


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