उत्तरप्रदेशबलिया

गजब की है यूपी पुलिस की सेटिंग और डेरिंग

ट्रांसफर के महीनों बाद भी जमे है इंस्पेक्टर और लाइन हाजिर हुआ दरोगा कर रहा ड्यूटी

R News Manch

बलियाः जनपद बलिया में पुलिस विभाग की सेटिंग और डेरिंग कमाल की है। यहां इंस्पेक्टर का गैर जनपद स्थानांतरण होने के बाद भी एसपी साहब महीनों तक अपने चहेते वर्दीधारी को रोके रखते, खैर इसका उन्हें अधिकार भी है लेकिन एसपी साहब के आदेश का भी उनके ही जिले में धज्जियां उड़ रही है। लाइन हाजिर होने के बावजूद दरोगा जी सीना तानकर अपने पुराने तैनाती क्षेत्र में ही ड्यूटी कर रहे है। इसके पीछे कारण जो भी हो लेकिन एसपी साहब के आदेश को उनके ही दरोगा जी सीधे ठेंगा दिखा रहे है। जिसकी चर्चा आमजन में जोरों पर है।
उभांव थाना से जुड़ा है मामला
उभांव थाना पर तैनात दरोगा राघवराम यादव को एसपी राजकरन नैययर ने विगत 12 अक्टूबर को ही लाइन हाजिर कर दिया। जिनके पुलिस लाइन में भेजने के साथ ही जनपद में तीन दरोगा और तीन सिपाहियों को इधर से उधर किया था। लेकिन अपने सेटिंग के भरोसे दरोगा जी ने एसपी को ऐसी डेरिंग दिखाई कि आमजन में बलिया पुलिस अधिकारियों की जमकर किरकिरी हो रही है। आखिर एसपी साहब के आदेश का उनके ही मातहत खुलेआम ठेंगा क्यूं दिखा रहे है। जबकि एसपी साहब की क्षति सख्त कार्रवाई की पहले से है।
लाइन हाजिर होने के बावजूद दरोगा जी लगातर कर रहे ड्यूटी
उभांव थाना में तैनात एसआई राघवराम यादव लाइन हाजिर होने के बाद भी लगातार ड्यूटी कर रहे है। उन्हें सबसे पहले बेल्थराबाजार गांव के पास रावण दहन के रामलीला के दौरान ड्यूटी करते हुए दिखे। गांव के ही अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति भी जताई किंतु पुलिस की वर्दी के आगे कौन बोले। इसके बाद दरोगा जी अगले ही दिन उभांव इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सिंह के साथ भी नदी किनारे बाढ़ का निरीक्षण करते हुए दिखे। बेल्थरारोड में डीएम एसपी ने 14 अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उस दिन भी लाइन हाजिर हुए दरोगा जी क्षेत्र में इंस्पेक्टर के साथ अपनी रौबदार उपस्थिति दर्ज कराते कई स्थानों पर दिखे। 18 अक्टूबर को हल्दीरामपुर में बाइक दुर्घटना के बाद अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों का हालचाल लेने से लेकर एक की मौत मामले में पूछताछ करते हुए भी दरोगा जी को देखा गया। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बैड डेरिंग के लिए बदनाम रही है उभांव पुलिस
अपने ही उच्चाधिकारियों के फरमान को ठेंगा दिखाने और तमाम संदिग्ध भूमिका के लिए उभांव पुलिस पहले से ही बदनाम रही है। उभांव थाना का लाइनहाजिर सिपाही को विगत वर्ष देवरिया जनपद की मइल पुलिस ने पशु तस्करों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से ही यहां के पुलिस की बैड डेरिंग की जब तक चर्चा होती रही है। उभांव पुलिस को दावत देकर बदमाशों ने यहां रोडवेज के पास लाखों की लूट की घटना को भी अंजाम दिया। यह भी चर्चा का विषय रहा है। आपराधिक मामलों को अपने हिसाब से घुमाकर उच्चाधिकारियों को गलत फिडिंग करने के मामले में भी यहां भी की पुलिस माहिर रही है। तुर्तीपार भागलपुर पुल पर भी प्रतिबंध के बावजूद अक्सर ओवरलोडेड ट्रकों को पार कराने का खेल होता रहा है। रिश्वत मांगने के आरोप में पिछले महीने ही यहां के सोनाडीह चौकी इंचार्ज दिनेश शर्मा को भी एसपी ने लाइन हाजिर किया था।


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