बेल्थरारोड में कांग्रेस कार्यालय पर भी भीड़ जुटाने में छूट रहे पसीने
प्रबंधन खर्च को लेकर चुनाव प्रभारी पर उठ रही उंगली, पुराने मूल कांग्रेसी ने भी किया किनारा

बलियाः बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के लिए सम्मान बचाना मुश्किल हो गया। जनमत बंटोरना तो दूर यहां तो चुनाव कार्यालय पर कार्यकर्ता जुटाने में भी कांग्रेसियों के पसीने छूट रहे है। बेल्थरारोड सुरक्षित सीट पर कांग्रेस ने रसड़ा निवासी गीता गोयल को टिकट देकर अपना प्रत्याशी बनाया तो यहां पहले ही टिकट के दावेदारों ने खुलकर विरोध किया और अब तक कांग्रेस के चुनाव से दूर ही रहे। इधर पुराने मूल कांग्रेसी भी वर्तमान विधानसभा चुनाव में पूरी तरह से खामोश हो गए है। कुछ पुराने कांग्रेसी तो इस बार अन्य दल के प्रत्याशी के साथ भी दिखने लगे है। जबकि चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी लेकर यहां पहुंचे चुनाव प्रभारी मनोज उपाध्याय के प्रबंधन पर भी उंगली उठने लगी है। मामला पार्टी से मिलने वाले चुनाव खर्च का है। जिसे लेकर कांग्रेस के नेता ही चुनाव प्रभारी पर पार्टी फंड का गोलमाल का आरोप लगा रहे है। बताया जा रहा है कि बेल्थरारोड के कांग्रेस चुनाव प्रभारी मनोज उपाध्याय पर सिकंदरपुर और रसड़ा विधानसभा के चुनाव प्रबंधन का भी दारोमदार है। किंतु वे लगातार बेल्थरारोड में ही टिके है और इनकी उपस्थिति में भी क्षेत्रीय पार्टी प्रत्याशी का चुनाव प्रचार जोर नहीं पकड़ पा रहा। इधर पार्टी प्रत्याशी की सक्रियता भी आमजन में चुनाव प्रचार को लेकर कम ही देखने को मिल रहा है। जिससे चुनाव प्रभारी पर उठ रहे सवालों को बल मिलने लगा है। बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहली बार यहां महिला उम्मीदवार के रुप में गीता गोयल को चुनाव मैदान में उतारा है।





