जान हथेली परः भागलपुर पुल बंद होने से तुर्तीपार से भागलपुर तक सरयू में डेंगी नाव से ले जा रहे बाइक और यात्री, हादसे का अंदेशा
वैकल्पिक व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी

बलियाः जनपद बलिया के बेल्थरारोड में मरम्मत के लिए भागलपुर पुल पर वाहनों का आवागमन बंद होने के कारण तुर्तीपार से भागलपुर तक सरयू में डेंगी नाव से बाइक और यात्री ले जाए जा रहे है। जिससे बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है। जबकि अधिकारी इससे अंजान बने हुए है। बलिया और देवरिया जनपद को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर बना भागलपुर पुल का मरम्मत कार्य जारी है। जिसके कारण भागलपुर पुल पर वाहनों का आवागमन 1 मई तक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में बाइक सवार नदी पारकर देवरिया जनपद में जाने के लिए और वहां से आने के लिए डेंगी नाव से जानलेवा सफर तय कर रहे है। भागलपुर पुल के ठीक नीचे तुर्तीपार और बेल्थराबाजार से सौ से ढाई सौ रुपए प्रति बाइक को नाव से देवरिया जनपद के भागलपुर की तरफ उतारा जा रहा है। निजी कार्यों के लिए लोग जानलेवा सफर पर जाने को मजबूर है। भागलपुर पुल के बेरिंग बदलने के लिए 24 अप्रैल से एक मई तक भागलपुर पुल पर छोटे बड़े सभी वाहनों के आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और पुल के दोनों छोर पर बैरिकेटिंग कर दिया गया है। जिससे छोड़ दोपहिया वाहनों का भी जाना मुश्किल है। आपको बता दें कि करीब 1185 मीटर लंबे इस भागलपुर पुल का निर्माण दिसंबर 2001 में पूरा हुआ था और महज बीस वर्ष में ही इसका करीब आधा दर्जन बार मरम्मत किया जा चुका है। भागलपुर पुल के दो स्पर और 12वां पाया के नदी की तरफ एक फीट तक दब जाने से यहां से गुजरना काफी डरावना हो गया है। पुल के जर्जर पाया के पास स्पर से नदी का पानी साफ दिख रहा है। जिसके कारण लोग भय से सहम जा रहे है। पुल के क्षतिग्रस्त स्पर को लोहे के क्लीप के सहारे एकदूसरे से जोड़ा गया है। जिससे इसकी मजबूती बनी रहे।




