
बलियाः जनपद बलिया के एकलौता सुरक्षित विधानसभा सीट बेल्थरारोड यूं तो समाजवादी गढ़ माना जाता है किंतु 2022 के इस चुनाव में यहां समाजवादी सम्मान बचाने का दारोमदार सुभासपा प्रत्याशी हंसू राम पर है। सपा ने पहली बार अपने इस सीट को गठबंधन दल सुभासपा के खाते में डाल दिया हैं। जिसके कारण दिग्गज सपा नेताओं में जबरदस्त मायूसी है। यहां सपा से पूर्व विधायक रहे गोरख पासवान, दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री स्व. घूरा राम के पुत्र अनुराग गर्ग उर्फ संतोष राम, राजेश पासवान समेत अनेक नेता लंबे समय से टिकट की होड़ में लगे थे। अब यहां से सुभासपा प्रत्याशी के नामांकन हो जाने के बाद समाजवादी दिग्गजों की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी है और सपा के दिग्गज नेताओं की यह सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी। जहां वे अपने दिल में टिकट न मिलने की कसक के साथ छड़ी के लिए पहली बार चुनाव प्रचार में दिखेंगे। सुभासपा प्रत्याशी हंसू राम पर भी बेल्थरारोड सुरक्षित सीट पर सुभासपा और सपा के पारंपरिक वोटरों और कार्यकर्ताओं को सहेजना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि वे इसमें कितना कामयाब होंगे यह तो समय बतायेगा किंतु फिलहाल सपा खेमे में जबरदस्त सुगबुगाहट और नाराजगी साफ देखने को मिल रहा है। क्योंकि सुभासपा प्रत्याशी के नामांकन में समाजवादी पार्टी के कुछ चेहरे तो दिखे किंतु पूर्व विधायक गोरख पासवान, अनुराग गर्ग, राजेश पासवान समेत अनेक चर्चित चेहरों ने नामांकन से दूरी बनाएं रखा और अब तक अपने गठबंधन के प्रत्याशी से दूर ही है। जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी है।

पार्टी के झटके से उबरने में समाजवदियों को लगेगा समय
बेल्थरारोड सुरक्षित सीट पर टिकट के प्रबल दावेदारों को नामांकन के अंतिम समय में पार्टी से मिले तगड़े झटके मिले। जिससे सभी दिग्गज सपा नेता फिलहाल जबरदस्त अवसाद में है। 2022 के चुनाव में समाजवादी नेताओं को इस झटके से उबरकर चुनाव में लगने में निश्चय ही समय लगेगा। क्याकिं पिछले लंबे समय से सभी समाजवादी नेता स्वयं को प्रत्याशी मानकर क्षेत्र में घर-घर घुमते रहे है।



