समाजवादी सियासत के सूरमा
पार्टी के कोर वोटर के भरोसे सुरक्षित सीट पर दिग्गजों की साइलेंट वर्किंग



समाजवादी सियासत के सूरमा:
पार्टी के कोर वोटर के भरोसे सुरक्षित सीट पर दिग्गजों की साइलेंट वर्किंग
बलिया: पूर्वांचल के बागी जनपद बलिया में सुरक्षित विधानसभा सीट पर समाजवादी पकड़ को मजबूत करने में दिग्गजों की रणनीति फिलहाल पार्टी के कोर वोटर तक ही सीमित है। इस क्षेत्र से माननीय बनने की आस लगाए बैठे समाजवादी सियासत के सूरमा वर्तमान में पार्टी के पहले पंक्ति की परिक्रमा में लगे हैं और जमीनी स्तर पर जातीय समीकरण को साधने में ही उनकी निगाहें टिकी है। इसे लेकर उनकी साइलेंट वर्किंग में भी कोई खास दम नहीं दिख रहा। मिशन 2027 को लेकर हर नेता अपना जोर लगा रहे हैं और पार्टी के पीडीए का बखान गा रहे हैं।
पूर्व मंत्री के पुत्र और अब समाजवादी नेता के रूप में मजबूत सुरक्षा घेरा में चलने वाले नेता जी की आभा काफी प्रभावशाली हैं। पार्टी में मजबूत पकड़ और बड़े नेताओं में वे अपने खास प्रभाव के लिए चर्चित हैं। लेकिन सुरक्षित सीट मानो उनकी पकड़ से काफी दूर है, जिसके कारण उनकी उपस्थिति नाम मात्र हो पाती है। जिस क्षेत्र से ये माननीय बनने की आस में है, वहां उनका अब तक एक संपर्क कार्यालय या कोई अस्थाई स्थान तक निर्धारित नहीं हो सका है। हालांकि वे पार्टी के चर्चित क्षेत्रीय नेताओं के यहां अपनी मौजूदगी दर्ज करने में जरूर सफल रहते हैं।
एक दूसरे दिग्गज नेता जी प्रदेश स्तर के पदाधिकारी हैं। अपनी सादगी और सज्जनता के लिए जाने जाते हैं। पार्टी में पहुंच अच्छी है और पीडीए का जबरदस्त समर्थक। क्षेत्र में अपनी मौजूदगी भी दर्ज कराने का कोई बहाना नहीं छोड़ते लेकिन इनका भी स्थानीय स्तर पर कोई ठौर नहीं है। चारपहिया ही एकमात्र साधन है। वैसे क्षेत्र के विकास का संकल्प खूब लेते हैं।
एक अन्य नेता ही कुछ साल पहले तक समाजवादी दिग्गज नेता पूर्व मंत्री स्व अंचल जी के हनुमान के रूप में चर्चित रहे। इन दिनों आसपास भी नहीं दिखते। अब ये हेलीकॉप्टर शॉट की जुगत में है। इनकी मौजूदगी की आभा भी किसी वीआईपी से कम नहीं।
वैसे बलिया के सुरक्षित विधानसभा सीट को 2022 में सपा ने अपने सहयोगी दल सुभासपा को सौंप दिया था लेकिन अब सुभासपा, भाजपा के साथ है। ऐसे में इस सीट पर 2027 में सपा से उम्मीदवार उतरना तय माना जा रहा है। वैसे भी यह सीट लंबे समय तक समाजवादी गढ़ रहा है लेकिन फिलहाल तो यहां विधानसभा तो दूर ब्लॉक तक में समाजवादी ढूंढे नहीं मिलते है। फिलहाल चुनावी वर्ष में इसकी समीक्षा की जा रही है।


