बाढ़ खंड ने देखा सरयू का तांडव, क्षतिग्रस्त दो कटानरोधी ठोकरों का होगा मरम्मत
चार साल में पहली बार हाहानाला तटबंध की तरफ मुड़ी सरयू की लहरें, ठोकरों की भूमिका बढ़ी

बलियाः सरयू किनारे चैनपुर में नदी के कटान का तांडव देखने बाढ़ खंड के अधिकारी पहुंचे। कटान से यहां के हाहानाला तटबंध को बचाने के लिए बने पांच ठोकरों में से दो के क्षतिग्रस्त होने की बाढ़ खंड के जेई संजय मिश्र व अन्य अधिकारियों ने भी पुष्टि की। ग्रामिणों ने बताया कि नदी की मुख्यधारा यहां पिछले करीब चार साल में पहली बार हाहानाला तटबंध की तरफ मुड़ गई है। तटबंध के पास अगर ठोकर न होता तो इस बार अब तक तटबंध का सफाया हो जाता और यहां हजारों की आबादी जलमग्न हो जाती। ऐसे यहां बने पांच ठोकरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जिसके बचाव व मरम्मत का कार्य किया जाना जरुरी है। नदी के जलस्तर में घटाव बढ़ाव जारी है। हालांकि वर्तमान समय में नदी का जलस्तर में घटाव पर है। जिससे तटवर्ती इलाकाईयों ने राहत की सांस ली है।

अगले बाढ़ से पूर्व ठोकरों का होगा मरम्मतः जेई
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता संजय मिश्र ने बताया कि नदी की लहरों से टकराकर दो ठोकरा का नोज डैमेज हुआ है। जिसके मरम्मत के लिए परियोजना बनेगी और नवंबर माहत तक शासन को प्रस्ताव भेज दिया जायेगा। बताया कि अगले बाढ़ से पूर्व इन ठोकरों के नोज का पक्का निर्माण किया जायेगा। ताकि सरयू की लहरों से आबादी और बंधे को बचाया जा सके।

दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही सरयू
सरयू के जलस्तार में रविवार को भी घटाव जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार डीएसपी हेड पर रविवार को नदी का जलस्तर 62.99 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही नदी के जलस्तर में एके सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घटाव जारी है। यहां नदी वर्तमान समय में खतरा निशान से 1.02 मीटर नीचे हो गई है। खतरा निशान 64.010मीटर दर्ज है।




