12 साल पुराना खेल उजागर! हल्दीरामपुर में 238 फर्जी पट्टे रद्द, गांव में सनसनी
"कुछ जिंदा नहीं, फिर भी पट्टाधारी बन बैठे!"



12 साल पुराना खेल उजागर! हल्दीरामपुर में 238 फर्जी पट्टे रद्द, गांव में सनसनी
“कुछ जिंदा नहीं, फिर भी पट्टाधारी बन बैठे!”
बलिया: जनपद बलिया के सीयर ब्लॉक के हल्दीरामपुर गांव में 12 साल पहले बांटे गए 238 कृषि पट्टे अब रद्द कर दिए गए हैं। बलिया जिलाधिकारी न्यायालय ने वाद की सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया। 2013 में बांटे गए इन पट्टों के खिलाफ राजेश कुमार ने 2015 में DM कोर्ट में वाद दाखिल किया था। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी पट्टे रद्द कर दिए। इसकी जानकारी मिलते ही वर्तमान प्रधान अनंतदेव सिंह टाइगर ने इस न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि अब नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया होगी।
हैरानी की बात ये है कि कई पट्टाधारी अब जीवित ही नहीं हैं, फिर भी उनके नाम पट्टे बने रहे। आदेश के अनुसार अब दो महीने में नए पात्रों का चयन होगा। सूत्रों के अनुसार गांव में आवंटित आवासीय पट्टों में भी गड़बड़ी की जांच अंतिम चरण में है। जल्द ही वहां से भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि उस वक्त न जांच हुई, न सत्यापन, बस नाम भर के खानापूर्ति कर डाली गई और वो भी अपात्रों के नाम। कुछ नाम तो ऐसे हैं जिनके बारे में सुनकर रूह कांप जाए – रतनलाल, फागू, चिंता देवी, मनातुरनी, नन्हकी… ये अब दुनिया में ही नहीं रहे, लेकिन पट्टे इनके नाम पर बने रहे! आदेश के बाद से ही गांव में माहौल गरम है, सवाल उठ रहे हैं ।


