देशभक्ति के जज्बे संग मना 79वां स्वतंत्रता दिवस
आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी में हुआ भव्य आयोजन






















आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी में देशभक्ति के जज्बे संग मना 79वां स्वतंत्रता दिवस
सिकंदरपुर, बलिया: जनपद बलिया के सिकंदरपुर में शुक्रवार को कठघरा बंशी बाजार स्थित आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी का प्रांगण शुक्रवार की सुबह राष्ट्रप्रेम, गौरव और उत्साह के रंगों से सराबोर हो उठा। अवसर था— 79वें स्वतंत्रता दिवस का, जब विद्यालय परिसर “भारत माता की जय” और “वीर सपूत अमर रहें” के जयघोष से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि अधिशासी अभियंता राज कुमार सिंह, विद्यालय के प्रबंध निदेशक जय प्रताप सिंह (गुड्डू) और निर्देशिका निशु सिंह ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की। इसके बाद मां सरस्वती और मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
ध्वजारोहण के बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, देशभक्ति गीत और नन्हे-मुन्नों के मनमोहक नृत्यों से वातावरण को राष्ट्रप्रेम की ऊष्मा से भर दिया। जन्माष्टमी पर्व पर प्रस्तुत विशेष झांकी ने कार्यक्रम की छटा को और निखार दिया। तालियों की गूंज इस बात का प्रमाण थी कि दर्शक हर प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हो गए।
विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
मुख्य अतिथि राज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे उन वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है। आज़ादी की रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।”
प्रबंध निदेशक जय प्रताप सिंह ने बलिया की स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि “बलिया ने 19 अगस्त 1942 को अंग्रेजी हुकूमत से आज़ादी का बिगुल फूंक दिया था। यह हमारी गौरवशाली धरोहर है, जिसे हमें सहेजकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।”
कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक प्रभारी अजीत यादव तथा छात्राएं शिखा तिवारी और सृष्टि पांडेय ने प्रभावशाली ढंग से किया। अंत में प्रशासनिक प्रभारी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी का यह आयोजन केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अद्वितीय संगम बनकर उपस्थित जनमानस के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।



