शस्त्र पूजन के साथ संघ का शताब्दी वर्ष कार्यक्रम भव्य रूप से प्रारंभ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष उत्सव


विजयदशमी पर शस्त्र पूजन के साथ संघ का शताब्दी वर्ष कार्यक्रम भव्य रूप से प्रारंभ
बलिया: जनपद बलिया के बिल्थरारोड में विजयदशमी पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष उत्सव शनिवार को नगर के केशव बस्ती स्थित हैप्पी होम प्रांगण में धूमधाम से प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर संघचालक संजय जी एवं क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश जी ने भारत माता एवं प्रभु श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के बाद पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके उपरांत विधिवत शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
श्री मिथिलेश जी ने अपने प्रेरणादायी बौद्धिक में संघ की 100 वर्ष की गौरवगाथा का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी संघ ने सदैव सरलता और सहजता से अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने पंच परिवर्तन कार्यक्रम की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि समाज, राष्ट्र और संस्कृति का उत्थान करना है तो हमें अपने स्वभाव और स्व को भी परिष्कृत करना होगा।
उन्होंने अपने संबोधन में भगवान राम, श्रीकृष्ण और अभिमन्यु के जीवन प्रसंगों को उदाहरणस्वरूप प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज समय की मांग है कि हम अपनी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से मजबूती के साथ जुड़े रहें। मिथिलेश जी ने जोर देते हुए कहा कि “भारतीय भोजन, भारतीय परिधान, भारतीय संगीत, भारतीय नृत्य से लेकर भारतीय जीवनशैली तक हमें अपनाना होगा। यहां तक कि अपने ‘बेडरूम’ तक को भारतीयता से जोड़ना होगा।”
उन्होंने अभिमन्यु और अर्जुन के जीवन प्रसंग सुनाते हुए युवाओं से कहा कि जिस कार्यक्षेत्र में आपका मन लगे, उसमें दृढ़ इच्छाशक्ति और एकाग्रता के साथ आगे बढ़ें। साथ ही उन्होंने शाखा में नियमित रूप से जाने और छोटे-छोटे भाइयों–बहनों के साथ जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान अमृतवचन शुभ जी, एकलगीत विश्ववेश जी और प्रार्थना अश्विन जी ने प्रस्तुत किया। नगर कार्यवाह पवन वर्मा ने अतिथियों का परिचय कराया।
इस मौके पर जिला प्रचार प्रमुख डॉ. आलोक गिरि, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया, अजय पटेल, डॉ. राघवेंद्र मिश्रा, श्रीप्रकाश मद्बेशिया, अशोक गुप्ता, मनीष वर्मा, सेंटु गुप्ता, विजय जी, जितेंद्र जी, सुरेश मौर्या, जय प्रकाश गिरि, सिद्धार्थ, प्रवीण, सामर्थ, आयुष, रोशन समेत सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक भाई–बहन उपस्थित रहे। भव्य आयोजन में संघ गीत, घोष की गूंज और स्वयंसेवकों के अनुशासन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।






