यूपी में फिर बनेगी योगी सरकार या आयेंगे अखिलेश, मायावती की दावेदारी भी मजबूत!
बिगड़ेगा चुनावी गणित या सफल होगी सोशल इंजीनियरिंग की केमिस्ट्री

यूपीः पांच साल योगी सरकार के कार्यकाल और घोषणा पत्र के भरोसे यूपी में सफल होगा बीजेपी का चुनावी गणित या सपा गठबंधन चलेगा दांव। या फिर बीएसपी के सोशल इंजीनियरिंग को मिलेगी सफलता, इसका सही जवाब तो 10 मार्च को मिलेगा लेकिन अभी से ही पूर्वांचल के कई सीट पर बीएसपी का दांव इस बार बीजेपी और सपा गठबंधन का चुनावी गणित बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है। बीएसपी कई सीटों पर कड़ी टक्कर देती दिख रही है किंतु पूरे यूपी में बीजेपी के प्रति आमजन का लगाव और विश्वास मजबूत बना हुआ है। यूपी के आखिरी छोर पर बलिया जनपद के सात विधानसभा सीटों पर छठवें चरण के तहत 3 मार्च को मतदान होना है। यहां बलिया सदर, फेफना और सिकंदरपुर विधानसभा में बीजेपी को सपा सीधी टक्कर देती दिख रही है। वही रसड़ा में बसपा की हाथी सबसे भारी है और बिल्थरारोड में भी बसपा कड़ी टक्कर में है। बांसडीह में बीजेपी को सफलता मिल सकती है, जबकि बैरिया में बागी प्रत्याशी ही बीजेपी के हार का कारण बन सकते है। हालांकि बीजेपी यहां जनपद के छ सीटों पर जीत का दावा कर रही है। जबकि सपा गठबंधन खुद को पांच सीटों पर भारी बता रहे है। वहीं बसपा इस बार जनपद में बढ़त बनाने का दम भर रही है। आपको बता दें कि वर्तमान में बलिया जनपद में पांच विधानसभा सीट बलिया सदर, फेफना, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड और बैरिया पर भाजपा का कब्जा है। जबकि बांसडीह में सपा और रसड़ा में बसपा के विधायक है। भाजपा ने जनपद में दो सीट पर अपने सीटिंग विधायक का पत्ता साफ कर दिया और नया उम्मीदवार दिया है। जबकि सदर विधायक और मंत्री का सीट बदल दिया। भाजपा के इस दांव को सपा और बसपा अधिकांश सीट पर पुराने दिग्गज के भरोसे भाजपा का चुनावी गणित बिगाड़ने में लगे है।



