पूर्व विधायक गोरख पासवान की अगुवाई में बनी राजकुमार बाघ सेना
पूरे प्रदेश में पासवान समाज को करेंगे एकजुट, अगला जमावड़ा देवरिया में

बलियाः जनपद बलिया में भाजपाई बने पूर्व विधायक गोरख पासवान ने राज कुमार बाघ सेना का गठन किया और अब यह गैर राजनीतिक संगठन पूरे प्रदेश का भ्रमण करेगा। उक्त जानकारी पूर्व विधायक गोरख पासवान ने सोमवार को पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि बेल्थरारोड में पासवान समाज के जुटे 15 जनपदों के प्रमुख नेताओं ने समाज के उत्थान के लिए राजकुमार बाघ सेना के राष्ट्रीय गठन पर सहमति बनाई गई। इस संगठन की अगली बैठक जल्द ही देवरिया जनपद में होगा और सेना के नए पदाधिकारियों का गठन होगा। जिसके बाद इस संगठन के तहत वे समाज के प्रमुख नेताओं के साथ यूपी के सभी जनपदों में भ्रमण करेंगे और अपने समाज के करीब 20 लाख लोगों में राजनीतिक चेतना विकसित करेगी और समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को लेकर जागरुक करेंगे। उन्होंने बताया कि पासवान समाज के दिग्गज समाजसेवी और स्वतंत्रता सेनानी रहे राजकुमार बाघ पूरे देश और दूसाध समाज के गौरव है। यूपी के अधिकांश बिहार से सटे सीमावर्ती जनपदों में करीब बीस लाख की संख्या में पासवान समाज के लोग यूपी में रहते है।

दलित समाज की विरोधी है सपा, अब वे भाजपा साथ जोड़ेंगे पासवान और राजभर वोट
पूर्व विधायक गोरख पासवान ने कहा कि सपा दलित समाज की विरोधी है। वे सपा में रहकर निष्ठा के साथ जुड़े रहे लेकिन सपा ने कभी भी उनके निष्ठा का सम्मान नहीं किया। विपक्षी दल के रुप में उनका बेटा सुधीर पासवान बलिया में जिला पंचायत अध्यक्ष रहा किंतु पार्टी ने मदद नहीं किया और कोई विशेष कार्य नहीं हो सका। सपा से वे 2012 में विधायक रहे। बेल्थरारोड में अनेक विकास कार्य हुआ किंतु पार्टी ने 2017 में उनका टिकट अंत तक रोके रखा। जिसके कारण वे 2012 के सापेक्ष अधिक वोट पाकर भी हार गए। 2022 में उनकी सीट को ही गठबंधन को दे दिया गया और अंत तक उन्हें सपा ने अंधेरे में रखा। सपा ने दलित आरक्षण विरोधी कई फैसले लिए। जो समाज के लिए घातक है। जिसका सबसे बड़ा प्रमाण रहा कि एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तक सपा ने गैर दलित को बना दिया। जबकि भाजपा ने दलितों का हमेशा सम्मान किया है। अब वे भाजपा के पक्ष में पासवान और राजभर वोटों को सहेजने का अभियान चला चुके है।
पूर्वांचल के अधिकांश जनपदों में 50 हजार से डेढ़ लाख की संख्या में है पासवान समाज
पूर्व विधायक गोरख पासवान ने बताया कि बलिया और देवरिया जनपद में करीब डेढ़ लाख की संख्या में पासवान समाज रहते है। जबकि गाजीपुर, कुशीनगर, चंदौली और सोनभद्र में पासवान समाज की संख्या एक लाख के आसपास है। वाराणसी में 80 हजार और मिर्जापुर, मऊ, संतकबीनरगर, बलरामपुर व सिद्धार्थनगर में 50 से 60 हजार की संख्या में है। बैठक में बलिया, देवारिया, गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली, गोंडा, बलरामपुर, संतकबीर नगर, कुशीनगर, गाजीपुर, मऊ, बस्ती, महरगंज, लखीमपुर खीरी समेत अनेक जनपद के पासवान समाज के सक्रिय राजनेताओं को एकमंच पर लाया जा चुका है। अन्य जनपद के पासवान समाज को भी एकजुटत किया जा रहा है। बैठक में वंशराज पासवान, सियाराम पासवान, रामनरेश पासवान, सुनील पासवान, नंदलाल पासवान, रामलखन पासवान, देवशरण पासवान, छेदी पासवान, हरिनाथ, भरत पासवान, ध्रुव देव पासवान, दिनेश पासवान समेत अनेक लोग मौजूद रहे।




