आजमगढ़ में हाथी की लंगड़ी से खिला कमल, दिनेशलाल निरहू हुए सांसद
सपा की करारी हार, रामपुर सीट भी गंवाया

लखनऊः यूपी के रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में मोदी-योगी जादू पर जनता की मुहर लग गई। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हाथी की लंगड़ीचाल से साइकिल धड़ाम हो गई और शानदार करीब 8 हजार 595 वोटों से यहां कमल खिल गया। भाजपा के दिनेशलाल निरहू यहां के अब 20वें सांसद हो गए। आजमगढ़ सीट पर भाजपा के दिनेश लाल निरहू को कुल लगभग 312432 वोट, सपा के धर्मेंद्र यादव को कुल लगभग 303837 वोट और बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को कुल करीब 266106 वोट मिला है।
रामपुर से भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी हुए सांसद
रामपुर लोकसभा सीट पर भी इस बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने शानदार जीत दर्ज किया है। भाजपा ने यहां करीब 42 हजार 48 मतो से सपा को करारी शिकस्त दिया है। यहां भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी को कुल 3 लाख 67 हजार 104 और सपा के मो. आसिम रजा को कुल 3 लाख 25 हजार 56 वोट मिला है।

भाजपा की जीत में बसपा का बड़ा रोल
सपा के दोनों सीटों पर भाजपा की अप्रत्याशित जीत ने सपा के दिग्गजों को चैंका दिया है। जनता का जनमत इस बार इन सीटों पर सीधे भाजपा के साथ गया है। हालांकि भाजपा के इस जीत में बसपा का बड़ा रोल माना जा रहा है। रामपुर सीट पर बसपा ने अपना प्रत्याशी उतारा ही नहीं था। जबकि आजमगढ़ सीट से बसपा प्रत्याशी ने सपा के वोट में जबरदस्त सेंधमारी की। हाथी ने यहां साइकिल की रफ्तार को रोक दिया। जिसके कारण इस बार यहां चुनाव में सपा को औंधे मंुह गिरना पड़ा और भाजपा के जीत की राह आसान हो गई।
लोकसभा उपचुनाव में नोटा भी रहा ट्रेंड में
यूपी के आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में नोटा भी ट्रेंड में रहा है। भाजपा, सपा और बसपा के बाद यहां सर्वाधित वोट इस बार नोटा को ही मिला है। आजमगढ़ में कुल 5367 लोगों ने नोटा दबाया। यहां नोटा चैथे नंबर था। जबकि रामपुर सीट पर कुल 4447 लोगों ने नोटा दबाया। यहां नोटा लोगों की तीसरी पसंद रही।



