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एडी बेसिक ने दिया एसडीआई और शिक्षिका पर मुकदमा करने का आदेश

मामला 11 साल तक अस्थाई संबद्धता पर नियमविरुद्ध वेतन निकासी का

R News Manch

बलिया: बलिया बेसिक शिक्षा विभाग में 11 साल तक अस्थायी संबद्धता पर नियम विरुद्ध वेतन निकासी के मामले को पूरी तरह से अवैध बताते हुए एडी बेसिक शिक्षा (सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक) आजमगढ़ ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। एडी बेसिक ने बलिया बीएसओ को मामले में जांचकर दोषी एसडीआई, संबंधित कर्मचारी और शिक्षिका के खिलाफ एक माह में जांच पूरी कर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मामला सीयर शिक्षा क्षेत्र के पतनारी गांव का है। जहां अस्थाई संबद्धता पर 11 साल तक मिले वेतन को एडी बेसिक ने नियम विरुद्ध करार दिया है। एडी बेसिक द्वारा बलिया बीएसए को जारी आदेश की प्रतिलिपि में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों की संबंद्धता विभाग में सदैव प्रतिबंधित रही है। ऐस में श्रीमती लक्ष्मी सिंह की संबद्धता विषयक आदेश जारी करने वाले अधिकारी से स्पष्टीकरण जारी मांगा जाएं। यह भी आदेश किया कि तत्कालीन एसडीआई गैर जनपद में स्थानांतरित है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाए। एडी बेसिक ने बीएसए से प्रश्न भी किया है कि पतनारी गांव में तैनात शिक्षक श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने अपना वेतन किस नियम या आदेश के क्रम में प्राथमिक विद्यालय पतनारी सीयर से प्राप्त किया। इस नियम विरुद्ध वेतन देने के लिए कौन खंड शिक्षा अधिकारी तथा कर्मचारी इसके दोषी है। इसकी प्रमाणित जांचकर दोषियों के विरुद्ध एक माह के अंदर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इस पत्र के बलिया पहुंचते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


यह है पूरा मामला
अखोप प्राथमिक स्कूल में शिक्षक पद पर तैनात श्रीमती लक्ष्मी देवी को जुलाई 2011 से अस्थायी कार्यभार के तहत यहां संबद्ध किया गया। जबकि 2018-19 में पतनारी प्राथमिक स्कूल नं. 1 और दो को संविलन किया गया तो कंपोजिट प्राथमिक स्कूल पर इंद्र प्रताप सिंह को वरिष्ठता के आधार पर प्रधानाध्यापक का चार्ज मिला किंतु श्रीमती लक्ष्मी देवी ने अपनी तैनाती बताते हुए बतौर प्रधानाध्यापक अलग से उपस्थिति रजिस्टर संचालित करने लगी। जिसके बाद से ही यहां तैनाती को लेकर विवाद गहराने लगा। प्रधानाध्यापक के इस विवाद के खेल में यहां पठन पाठन भी प्रभावित होने लगा था। मामले में उच्चस्तरीय जांच के बाद तत्कालीन बीएसए ने लक्ष्मी देवी की पतनारी स्कूल पर तैनाती को गलत पाया और उन्हें मूल तैनाती क्षेत्र अखोप में सेवा देने का आदेश जारी कर दिया था। जिसके आधार पर सीयर एसडीआई राकेश कुमार सिंह के आदेश जारी होते ही प्रधानाध्यापक इंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल प्रभाव से लक्ष्मी देवी को पतनारी कंपोजिट प्राथमिक स्कूल से कार्यमुक्त कर दिया।


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