पूर्व विधायक गोरख पासवान की 11 अगस्त को दायर होगी जमानत की अर्जी
एमपीएमएलए कोर्ट से तीन दिन की मिली थी मोहलत

बलियाः जनपद बलिया के बेल्थरारोड के पूर्व विधायक गोरख पासवान द्वारा दस वर्ष पूर्व ट्रेन रोकने के मामले में तीन माह की जेल की सजा सुनाएं जाने के बाद गुरुवार को जमानत याचिका दायर होगी। वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट में पूर्व विधायक गोरख पासवान अपने अधिवक्ता के साथ जमानत याचिका दायर करेंगे। उन्हें जमानत के लिए तीन दिन की न्यायालय द्वारा मोहलत मिली थी।
ट्रेन रोकने के दस वर्ष पुराने मामले में तीन माह की हुई है सजा
आपको बता दें कि आरपीएफ मऊ द्वारा दायर अप्रैल 2012 के मामले में वाराणसी एमपीएलए न्यायालय ने 8 अगस्त को सुनवाई के दौरान अपना अंतिम निर्णय सुनाया और मामले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक गोरख पासवान को तीन माह की कारावास और साढ़े चार हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाया था। मामले की सुनवाई में वे 6 अगस्त को न्यायालय के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था और 7 को दिल्ली पहुंचे थे किंतु अचानक सूचना मिली कि 8 अगस्त को न्यायालय में पहुंचना है। जिसके कारण वे चार ट्रेन बदलकर लखनऊ, प्रयागराज होते हुए सुबह साढ़े 10 बजे वाराणसी न्यायालय पहुंचे थे। मामला अप्रैल 2012 का है। जब 15104 गोरखपुर इंटरसीटी एक्सप्रेस करीब 18 मिनट तक बनकरा गांव के पास रोकी गई थी।
सपा के पूर्व विधायक गोरख पासवान अब है भाजपा में
पूर्व विधायक गोरख पासवान बेल्थरारोड के सपा से विधायक थे। बनकरा गांव के पास रेल समपार फाटक की मांग को लेकर ग्रामिणों की समस्या सुनने पहुंचे थे। जहां ग्रामिणों ने तत्कालीन विधायक गोरख पासवान की मौजूदगी में ट्रेन रोक दिया। इस मामले में पूर्व विधायक गोरख पासवान मुख्य आरोपी बनाएं गए है। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले गोरख पासवान भाजपा में शामिल हो गए है।
जनसेवा में हुए मुकदमे और सजा पर नहीं है अफसोस
भाजपा नेता और पूर्व विधायक गोरख पासवान ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसेवा के दौरान उन पर ट्रेन रोकने का आरोप लगा है और सजा हुई है। न्यायालय के निर्णय का स्वागत है। हालांकि उन्हें मिली सजा का अफसोस नहीं है। क्योंकि उन्होंने कोई गलत कार्य किया ही नहीं है। वे तो मौके पर जनता को समझाने गए थे और रेलवे ट्रैक पर मौजूद भीड़ को हटा रहे थे। जबकि रेल अधिकारियों ने उनके खिलाफ ट्रेन रोकने और चक्का जाम करने का आरोप लगाया है।




