चर्चित लूट- हत्याकांड को याद कर सहम गए परिजन
पुलिस के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी देवेंद्र यादव लूट हत्याकांड का खुलासा!







पुलिस के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी लूट हत्याकांड का खुलासा, 6 बड़ी घटनाओं की याद कर सहम गए परिजन
बलिया: जनपद बलिया के बेल्थरारोड में शिक्षक देवेंद्र यादव संग हुए लूट एवं हत्याकांड के बाद देर रात पहुंचे आजगढ़ डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने पूरे घटना की जांच एवं कार्रवाई की कमान स्वयं संभाल लिया बावजूद घटना के तीन दिन दिन बाद भी इसका खुलासा नहीं हो सका। लेकिन हत्याकांड की जांच पर डीआईजी के निगरानी के कारण पुलिस के लिए इस हत्याकांड का खुलासा करना अब किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। बेल्थरारोड में शिक्षक देवेंद्र यादव की लूट का विरोध करने पर गोली मारकर हत्या करने की घटना ने पिछले 17 वर्ष में हुई 6 अन्य बड़ी लूट हत्याकांड, गोलीकांड और छीनैती की घटना की याद ताजा कर दिया है।
विगत सन 2008 अक्टूबर में लखनौर ग्राम से अपनी सराफा दुकान बंद कर बेल्थरारोड आ रहे बाइक सवार महेश वर्मा उर्फ गुड्डू बेल्थरारोड वार्ड नंबर 6 निवासी को बदमाशों ने बेलौली के पास गोली मार कर हत्या कर दी और लाखों के जेवरात से भरे बैग छीन ले गए।
जबकि अप्रैल 2011 में बेल्थरारोड स्टेट बैंक से पैसा निकाल कर घर जा रहे बाइक सवार फौजी राजकुमार मौर्य ग्राम मलेरा निवासी को बदमाशों ने गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई और बदमाशों ने दो लाख की लूट की घटना को अंजाम दिया। मृतक पूर्व विधायक केदार नाथ वर्मा के भगिन दामाद थे।
मार्च 2012 में बेल्थरारोड नगर से सराफा दुकान बंद कर घर पडरी घर जा रहे हैं प्रेमचंद वर्मा को बदमाशों ने तेंदुहारी गांव के पास घेरकर गोली मार कर हत्या कर दी और दुकान की चाबी एवं अन्य कीमती सामान से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
सन 2015 में तुर्तीपार शमशान घाट के पास दाह संस्कार से लौट रहे बिंदेश्वरी तिवारी एवं परशुराम तिवारी (पिता पुत्र) को पहले से घात लगाए बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी और उनकी लाइसेंसी पिस्टल लूटकर फरार हो गए।
मार्च 2018 में सोनाडीह अहिरुपुर के पास हत्या की नियत से रेकी कर पहुंचे बदमाशों ने मुरली वर्मा एवं प्रियंका वर्मा (पति पत्नी) पर चार फायरिंग कर जख्मी कर दिया और बाइक छीनकर निकल भागे।
2018 में ही बदमाशों ने नगर पंचायत के तत्कालीन चेयरमैन दिनेश गुप्ता के भाई अरुण कुमार पप्पू पर बदमाशों ने फायरिंग झोंककर दुकान का बैग और नगद लेकर फरार हो गए। हालांकि कई घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया। लेकिन पुलिस के राजफाश और कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
शिक्षक देवेंद्र यादव हत्याकांड के बाद उक्त सभी घटनाएं एक बार फिर चर्चा में है और घटना को यादकर इनके पीड़ित परिवार सहम सा जा रहे है।







