जल्द बनेगा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
भिटौरा गांव में प्रस्तावित भूमि पर मौजूद पेड़ की हुई नीलामी










भिटौरा में जल्द बनेगा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, भिटौरा गांव में प्रस्तावित भूमि पर मौजूद पेड़ की हुई नीलामी
बलिया: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को भी अब अपना नया भवन मिलेगा। अब तक किराए के मकान में संचालित हो रहा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय फरसाटार का जल्द ही अपना भव्य भवन होगा और भिटौरा गांव में आधुनिक सुविधाओं से लैस चिकित्सालय का संचालन होगा।
निर्माण स्थल पर बाधा बन रहे पेड़ों को हटाने की कवायद भी शुक्रवार को पूरी कर ली गई। क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी इस नीलामी में 13 यूकेलिप्टस के पेड़ काटने के अधिकार के लिए चार लोगों ने बोली लगाई। यह पूरी प्रक्रिया शुक्रवार को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर पूरी कर ली गई, जिसकी निगरानी डॉ. आराधना पांडे, फार्मासिस्ट राजबली विश्वकर्मा, श्री प्रकाश शर्मा, वन दरोगा उग्रसेन कुमार व वनरक्षक सौरव कुशवाहा ने की।
भवन निर्माण के लिए चयनित भूमि (आराजी नं. 155 मि., रकबा 0.053 हेक्टेयर) को तत्कालीन जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने आयुष विभाग को हस्तांतरित किया था। इसके लिए करीब 21 लाख का बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है।
लोगों में यह चर्चा है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के इस नए केंद्र से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। किराए के मकान से निकलकर नया भवन बनना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।



