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बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अग्निशमन एनओसी के चल रहे सैकड़ों होटल और मैरेज हॉल 

पुलिस की सेटिंग और मेहरबानी पर युवा जोड़ो की होती है खूब आवाजाही

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बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अग्निशमन एनओसी के चल रहे सैकड़ों होटल और मैरेज हॉल 

पुलिस की सेटिंग और मेहरबानी पर युवा जोड़ो की होती है खूब आवाजाही

बलिया होटल में युवा जोड़ो के आत्महत्या के मामले के बाद चर्चा तेज

बलिया: जनपद बलिया में सैकड़ों होटल, मैरेज हॉल, लॉज और धर्मशाला बिना किसी रजिस्ट्रेशन के अवैध तरीके से संचालित हो रहे है। पुलिस प्रशासन की मेहरबानी और सेटिंग के बदौलत होटलों और मैरेज हॉल में युवाओं की आवाजाही भी खूब हो रही है। बलिया के एक होटल में युवा जोड़ो द्वारा किए गए आत्महत्या के मामले के बाद होटल, लॉज, धर्मशाला, मैरेज हॉल के रजिस्ट्रेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जनपद बलिया के बेल्थरारोड में तो महज तीन होटल ही रजिस्टर्ड बताए जा रहे है। जबकि दर्जनों की संख्या में संचालित है। सराय एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के मामले में अधिकांश होटल और मैरेज हॉल बेपरवाह बने हैं। यूं तो जनपद में होटल, मैरेज हॉल, लॉज, धर्मशाला की संख्या सैकड़ों में है लेकिन रजिस्टर्ड की संख्या दहाई में भी नहीं है। जबकि सराय एक्ट के तहत लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सभी को आवश्यक है और सराय एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के साथ ही लेबर लाइसेंस, तहसील से राजस्व का एनओसी, पुलिस का एनओसी, ट्रैफिक एनओसी, विद्युत सुरक्षा का एनओसी, अग्निशमन एनओसी, पीडब्लूडी एनओसी, नगर या ब्लॉक से एनओसी, जीएसटी, नगर का नक्शा की अनुमति लेना आवश्यक होता है। हालांकि इसके लिए भी विभागीय दोहन का खेल बहुत ही जबरदस्त है।


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