
बलियाः यूपी विधानसभा चुनाव के तहत बेल्थरारोड में 3 मार्च को मतदान होना है। जनता के बीच सरकार के एक-एक योजनाओं की चर्चा खुब हो रही है। फुटकर दुकानदारों को कोरोनाकाल में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत न्यूनतम व्याज दर पर बिना किसी लंबे कागजी खानापूर्ति के दस हजार रुपए की सहायता राशि का लोन मिला तो रेहड़ी और फुटकर दुकानदारों के लिए कोरोनाकाल में यह डूबते को तिनके का सहारा बन गया। जिससे हर छोटे दुकानदारों ने अपना व्यवसाय और परिवार को संभाल लिया। बेल्थरारोड नगरपंचायत क्षेत्र में करीब 325 दुकानदारों को स्वनिधि योजना का लाभ मिला। जिससे कोरोनाकाल में उन्हें काफी राहत मिला।
लाभार्थियों ने सुनाई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से व्यापार संवारने की कहानी
बेल्थरारोड नगरपंचायत के वार्ड सं. 7 निवासी गायत्री देवी के लिए तो इस योजना से मिले पैसे ने उन्हें स्वावलंबी बनाया। लाकडाउन होते ही गैर प्रांत सूरत में काम कर रहे पति संजय मौर्य घर लौट आएं और उनका तबियत खराब हो गया। इधर गायत्री देवी भी पहले से ही बीमार थी। घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ती गई। चार बेटियों के साथ घर का खर्च चलाना मुश्किल सा हो गया था। इस बीच नगरपंचायत कार्यालय से पीएम स्वनिधि योजना के तहत सहायता मिलने की सूचना मिली और थोडे से कागजी खानापूर्ति के बाद पैसा मिला तो गायत्री देवी ने घर में ही जनरल स्टोर का छोटा सा दुकान खोला। पति और खुद का इलाज करवाया और दुकान से ही घर का खर्चा चलाया। जिससे आज उनके घर को चलाने में काफी मदद मिलता है।
डीहबाबा वाली गली मोड़ पर सड़क की पटरी पर सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले वार्ड सं. सात निवासी रामजन्म मौर्य ने कहा कि स्वनिधि योजना के तहत बैंक से मिले दस हजार रुपए से उन्हें सब्जी की दुकान चलाने में काफी सहयोग मिला और आज वे अनेक कर्जा भी चुके है और अपना दुकान भी बखुबी चला रहे है। उन्हें अब पूंजी का भी अभाव नहीं झेलना पड़ता।
बाटा वाली गली मोड़ पर ठेले पर सब्जी की दुकान लगाने वाले दिनेश जायसवाल ने कहा कि कोरोनाकाल में उनका व्यवसाय काफी चैपट हो गया। अधिकांश फल खराब हो गया और वे कर्ज में चले किंतु इसी बीच उन्हें स्वनिधि योजना के तहत बैंक से लोन के रुप में दस हजार मिला और वे फिर से अपना फल दुकान लगाने लगे। अब वे अपना कर्जा भी चुके है और दुकान भी ठीकठाक चल रहा है।
यूनाईटेड क्लब में ठेले पर आचार मोरब्बा की दुकान से परिवार चलाने वाले कृष्णा कुमार जायसवाल ने बताया कि स्वनिधि योजना के तहत मिले पैसा से उसकी दुकान फिर से खड़ा हो सका। आज वे बैंक का कर्ज भी दे चुके है और दुकान में सामान भी दोगुना हो गया। जिससे उनकी दुकानदारी पहले से अच्छी चल रही है।




