आपरेशन टेबल पर दम तोड़ती जिंदगी को देख प्रशासनिक चुप्पी का राज
जानें असली और नकली अस्पतालों का कनेक्शन

बलियाः जनपद बलिया के बेल्थरारोड में करीब एक दर्जन अवैध नर्सिंग होम, अस्पताल और पैथोलाॅजी संचालकों के खेल में अब तक दर्जनों प्रसूता महिलाओं और नवजात बच्चों ने आपरेशन टेबल पर दम तोड़ दिया। लेकिन प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना रहा। हर बार लिखित शिकायत न मिलने का विवशता बताकर अधिकारी अपने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे। जिसके कारण अवैध अस्पताल संचालकों और पैथोलाॅजी वालों का जानलेवा खेल बदस्तूर जारी रहा। इसमें सरकारी अस्पताल प्रशासन का भी सालिड कनेक्शन होने की बात कही जा रही है।
जांच के नाम पर नोटिस भेजने की हुई थी खानापूर्ति
बेल्थरारोड में अवैध नर्सिंग होम और अस्पतालों के जांच के लिए सीयर सीएचसी पर महीनों पूर्व ही लिस्ट तैयार की गई। उन दिनों इसके जांच की जिम्मेदारी बतौर नोडल अधिकारी डा. एलसी शर्मा को सौंपा गया। जिनके द्वारा जांच के तहत नोटिस भेजने की सूची तो बनाई गई किंतु कार्रवाई शून्य रहा। अंदरखाने में सेटिंग की चर्चा होती रही किंतु जब अकली-नसली अस्पताल का कनेक्शन सालिड हो तो कार्रवाई की उम्मीद बेमानी ही होती है।
बलिया में चार मानकविहीन नर्सिंग होम सील, बेल्थरारोड में हड़कंप
डीएम सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर बलिया में मानकविहीन चार नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। बलिया नगर में जीवन रेखा अस्पताल और आकांक्षा अस्पताल को एसडीएम जुनैद अहमद और जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अभिेषक मिश्रा की टीम ने सील किया। जबकि मनियर के सूर्यपूरा में सूर्या अस्पताल और गड़वार रोड के ऋषि अस्पताल को भी सील किया गया है। बलिया जनपद में महज 56 प्राइवेट अस्पताल ही पंजीकृत है।




