
बलियाः अपने कारनामो के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाला बलिया का शिक्षा विभाग अपने एक आदेश को लेकर एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार बेसिक शिक्षा महानिदेशक उ.प्र. विजय किरन आनंद के आदेश को एडी बेसिक (सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक) आजमगढ़ ने ठेंगा दिखा दिया है। मामला सीयर ब्लाक के पतनारी गांव का है। बेसिक शिक्षा महानिदेशक के एक निर्देश के अनुपालन में बलिया के तत्कालीन बीएसए शिवनारायण सिंह ने 11 साल से अस्थाई संबद्धता पर पतनारी कंपोजिट प्राथमिक स्कूल नं. वन पर तैनात कथित प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी देवी को अपने मूल तैनाती स्थल प्राथमिक विद्यालय अखोप में कार्यभार ग्रहण करने आदेश जारी किया था। जिसके तहत एसडीआई राकेश सिंह ने उन्हें अपने मूल तैनाती स्कूल पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया था। किंतु तत्कालीन बीएसए शिवनारायण सिंह के बलिया से स्थानांतरण होने के महज एक माह बाद ही जुगाड़ नीति के तहत इसी आदेश को आजमगढ़ एडी बेसिक ने खारिज कर दिया और 28 जुलाई को पूर्ववर्ती आदेश को गलत करार देते हुए लक्ष्मी सिंह को पतनारी में प्रधानाध्यापिका पद पर कार्य करने का नया आदेश जारी कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और जुगाड़ नीति के तहत किसी भी तरह के आदेश कराने के विभागीय खेल की चर्चा तेज हो गई है।

बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने जारी किया था निर्देश
बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने 29 जून को ही प्रदेशभर में शिक्षकों के किसी भी तरह के अस्थाई संबद्धता को निरस्त करने के पूर्व के आदेश को कड़ाई से अनुपालन का निर्देश जारी किया था। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि समीक्षा में यह पाया गया है कि निर्देश के बावजूद कतिपय शिक्षकों को अभी भी मूल विद्यालय से इतर संबद्ध किया गया है। जिसे शासकीय आदेश का उलंघन बताते हुए तत्काल निरस्त करने का निर्देश दिया गया था। जिसके आधार पर ही तत्कालीन बीएसए ने 11 साल से चल रहे अस्थाई संबंद्धता निरस्त करने का निर्देश दिया था।
11 साल से जारी है अस्थायी संबद्धता
जुलाई 2011 से अस्थायी कार्यभार ग्रहण करने के आदेश का हवाला देकर अखोप से पतनारी सेवा दे रही सहायक अध्यापक लक्ष्मी देवी की पूरी तैनाती ही गलत है। इनके तैनाती को लेकर कोई विभागीय आदेश जारी ही नहीं किया गया है। 2018-19 में जब पतनारी गांव के प्राथमिक स्कूल नं. 1 और दो को संविलन किया गया तो कंपोजिट प्राथमिक स्कूल पर इंद्र प्रताप सिंह को वरिष्ठता के आधार पर प्रधानाध्यापक का चार्ज मिला किंतु श्रीमती लक्ष्मी देवी ने अपनी तैनाती बताते हुए बतौर प्रधानाध्यापक अलग से उपस्थिति रजिस्टर संचालित काने लगी। जिसके बाद से ही यहां तैनाती को लेकर विवाद गहराने लगा। प्रधानाध्यापक के इस विवाद के खेल में यहां पठन पाठन भी प्रभावित होने लगा था।
जांच के बाद मूल तैनाती स्कूल पर कार्यभार ग्रहण करने का हुआ था आदेश जारी
मामले में उच्चस्तरीय जांच के बाद तत्कालीन बीएसए ने लक्ष्मी देवी की पतनारी स्कूल पर तैनाती को गलत पाया और उन्हें मूल तैनाती क्षेत्र में सेवा देने का आदेश जारी कर दिया गया था। जिसके आधार पर सीयर एसडीआई राकेश कुमार सिंह के आदेश जारी होते ही प्रधानाध्यापक इंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल प्रभाव से लक्ष्मी देवी को पतनारी कंपोजिट प्राथमिक स्कूल से कार्यमुक्त कर दिया था। अब एकबार फिर इनको पतनारी में संबेद्ध करने का निर्देश जारी होने से विभागीय खलबली मची हुई है।




