फर्जी सर्टिफिकेट से बनी रही स्टाफ नर्स, सस्पेंशन के बाद अब रसड़ा में मुकदमा हुआ दर्ज
जन्मतिथि में दोहरा खेल आया सामने, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

फर्जी सर्टिफिकेट से बनी रही स्टाफ नर्स, सस्पेंशन के बाद अब रसड़ा में मुकदमा हुआ दर्ज,
जन्मतिथि में दोहरा खेल आया सामने, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप
बलिया: सालों तक फर्जी काग़ज़ों के दम पर सरकारी नौकरी हड़पे बैठी एक स्टाफ नर्स की पोल अब पूरी तरह खुल गई है। जिला अस्पताल से ट्रांसफर होकर पिछले करीब तीन साल से रसड़ा सीएचसी पर तैनात रही उपचारिका कुमुदलता राय पर आखिरकार रसड़ा कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि कुमुदलता राय ने अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में दो अलग-अलग जन्मतिथियां दिखाकर योग्यता साबित की थी। आरोप है कि जानबूझकर तथ्य छुपाकर सरकारी नौकरी हासिल की गई। मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक तक पहुंची और निर्देश के बाद विभाग हरकत में आया।
गत महीने ही उसे सस्पेंड कर वेतन रोक दिया गया था और अब शनिवार की देर शाम सीएमओ बलिया के आदेश पर रसड़ा सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनीष जायसवाल की तहरीर पर रसड़ा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रसड़ा सीएचसी अधीक्षक डॉ मनीष जायसवाल ने रविवार की शाम बताया कि आरोपी स्टाफ नर्स कुमुदलता राय, ग्राम अमारी अमरहट थाना सराय लखंसी (मऊ) निवासी, के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) व 340(2) में केस दर्ज किया है। इधर फर्जीवाड़े के इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग में खलबली मचा दी है, जबकि रसड़ा सीएचसी पर इस घटना की दिनभर चर्चा होती रही।


