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रेलवे दोहरीकरण कार्य में घोर अनियमितता, काली मिट्टी से तैयार हो रही बड़े हादसे की नींव

सुपरविजन के अभाव में सरयू किनारे रेलवे निर्माण में हो रही गड़बड़ी

R News Manch

 

रेलवे दोहरीकरण कार्य में घोर अनियमितता, काली मिट्टी से तैयार हो रही बड़े हादसे की नींव

सुपरविजन के अभाव में सरयू किनारे रेलवे निर्माण में हो रही गड़बड़ी

बलियाः बेल्थरारोड भटनी रेल दोहरीकरण कार्य में घोर अनियमितता जारी है। तुर्तीपार रेल पुल संख्या 31 के पास सरयू किनारे रेल दोहरीकरण के लिए बिछाएं जाने वाली रेल पटरी के नीचे काली मिट्टी का प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। इसके लिए तीन-तीन फीट तक काली मिट्टी डंप किया जा रहा है। जो बड़े हादसे की नींव बताई जा रही है। सरयू किनारे तुर्तीपार रेल पुल के ठीक बगल में मुजौना गांव के पास करीब 300 मीटर का कार्य किसी कंपनी द्वारा मनमाने तरीके से किया जा रहा है। जिसका सुपरविजन तक नहीं किया जा रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड के देखरेख में तुर्तीपार रेल पुल संख्या 31 के ठीक बगल में सरयू पर एसपी सिंगला द्वारा नए रेल पुल का निर्माण किया जा रहा है। जिसके ठीक बगल में 29/200 मीटर से 29/500 मीटर तक के कार्य में बड़े पैमाने पर काली मिट्टी का खुलेआम प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रधान प्रतिनिधि रमाशंकर यादव बाउल ने रेलवे दोहरीकरण कार्य में हो रहे घोर अनियमितता की जांच एवं कार्रवाई की मांग किया है। श्री बाउल ने कहा कि निर्माण के नींव में ही बड़ी गड़बड़ी होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सरयू किनारे तो वैसे भी मिट्टी खिसकने और धंसने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे में काली मिट्टी का मनमाने तरीके से मानक के विपरित प्रयोग करना सीधे हादसे को निमंत्रण देना है। इसमें आरवीएनएल के सुपरविजन का भी घोर अभाव है।

क्या है नियम

– नेशनल हाईवे या रेलवे संबंधित बड़ी परियोजनाओं में किसी भी हाल में काली मिट्टी का प्रयोग प्रतिबंधित है। जिसके निर्माण से बड़े खतरे का अंदेशा बना रहता है। बारिश में पानी से गिली होने पर काली मिट्टी के खिसकने या धंसने से बड़े हादसे की संभावना के कारण इसका प्रयोग नहीं किया जाता है। रेलवे के कार्य में मिट्टी के हर 200 एमएम क ेलेयर को रोलर से दबाव और ग्रेडर का प्रयोग आवश्यक होता है। एक साथ कभी भी दो से तीन फीट तक मिट्टी का डंप करना भी तकनीकी रुप से खतरनाक है।

इनसेट

बेल्थरारोड-किड़िहरापुर रेल मार्ग का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य

रेल दोहरीकरण की दूरी- 13.85 किलोमीटर

कार्यदेयी संस्था- (आरबीएनएल) रेल विकास निगल लिमिटेड

प्रभावित रेलवे स्टेशन- दो

बजट- लगभग 290 करोड़

बेल्थरारोड रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त नए प्लेटफार्म की संख्या- 1

बेल्थरारोड में नए मालगोदाम प्लेटफार्म की संख्या- 1

छोटी पुलिया की संख्या – 17

प्रभावित रेलवे क्रासिंग की संख्या- 05


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