शहर में दिखावे का विकास, गांव में सीवर के लिए त्राहि-त्राहि!
सराय मोहाना की महिलाएं बोलीं: “शौच जाना भी बन गया है जंग का मैदान”


शहर में दिखावे का विकास, गांव में सीवर के लिए त्राहि-त्राहि!
सराय मोहाना की महिलाएं बोलीं: “शौच जाना भी बन गया है जंग का मैदान”
वाराणसी/सराय मोहाना: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से महज़ कुछ किलोमीटर दूर कोटवा सराय मोहाना गांव की तस्वीर देखकर आप चौंक जाएंगे। यहां सीवर लाइन न होने के कारण 500 परिवारों की जिंदगी नरक से बदतर हो चुकी है। बरसात में हालात ऐसे कि घर के अंदर बने सोखते पानी से लबालब हो चुके हैं, खेतों में बाढ़ का पानी, और महिलाओं के लिए शौच जाना किसी मौत से खेलने जैसा बन चुका है।
विकास का दावा, लेकिन गांव बेहाल!
जहां एक ओर शहरों में स्मार्ट सिटी का ढोल पीटा जा रहा है, वहीं सराय मोहाना जैसे गांव की महिलाएं रात के अंधेरे में शौच को जाने से डरती हैं कि कहीं कोई सांप न डस ले। रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स वाराणसी के संस्थापक अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने इस दर्द को आवाज दी है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ये गांव दशकों से इस समस्या को झेल रहा है और आज तक किसी भी सरकार ने यहां प्राथमिक सुविधाओं की सुध नहीं ली।
वरुणा किनारे बसे गांव के लिए STP प्लांट की मांग
राजेश गुप्ता ने मांग की है कि वरुणा किनारे STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना हो ताकि इस गांव के लोगों को सीवर की सुविधा मिल सके। उनका यह भी कहना है कि सराय मोहाना वाराणसी नगर निगम में है लेकिन संसदीय क्षेत्र चंदौली में आता है, यही कारण है कि यह गांव लगातार उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
“शिवपुर विधानसभा का ये गांव, आज भी विकास के मानचित्र से गायब है।”
अगर वक्त रहते शासन और प्रशासन की नींद नहीं खुली तो यह संकट स्वास्थ्य और महिलाओं की गरिमा पर गंभीर खतरा बन सकता है।




