अचानक हो रही रहस्यमयी मौत पर की चर्चा, पीड़ित परिवार के लिए किया दस दस लाख की मांग
सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने संसद में फिर उठाई आवाज





सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने संसद में उठाई आवाज, अचानक हो रही रहस्यमयी मौत पर की चर्चा, पीड़ित परिवार के लिए किया दस दस लाख की मांग
नई दिल्ली: सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर विद्यार्थी ने बुधवार को लोकसभा में ऐसा मुद्दा उठाया कि पूरा सदन कुछ पलों के लिए स्तब्ध रह गया। उन्होंने कोरोनाकाल के बाद देश में हो रही रहस्यमयी और अप्रत्याशित मौतों को “राष्ट्र की गंभीर स्वास्थ्य आपदा” बताते हुए सरकार से सीधे सवाल किया। उन्होंने कहा कि आखिर कब तक आम जनता की लाशों पर चुप बैठी रहेगी यह सरकार। बच्चे हों या बुजुर्ग, युवा हों या अधेड़, हर उम्र के लोगों की अचानक हो रही मौतें, अब आम जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं। सांसद ने कहा कि “आज आम आदमी के घर का चिराग बुझ रहा है और सरकार मौन व्रत धारण कर बैठी है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि ऐसे पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए, ताकि उनका दुःख कुछ तो कम हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ना मानवता के साथ अन्याय है।”
सलेमपुर के यह तेजतर्रार सांसद हाल ही में संसद में अपने एक के बाद एक सधे, संवेदनशील और तीखे बयानों से न सिर्फ जनता के बल्कि सत्तापक्ष के भी कान खड़े कर चुके हैं। अब लोग कहने लगे हैं कि रमाशंकर राजभर बोले, तो संसद डोले!”


