जनता के बीच असहज महसूस कर रहे सुभासपा विधायक, क्षेत्र से दूरी बनाना हुई मजबूरी
गठबंधन के पेंच में अटक गई विकास की गाड़ी

बलिया: पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के राजनीतिक पैतरेबाजी के बीच जनपद के एकलौते सुभासपा विधायक इन दिनों पूरी तरह से असहज हो गए है। गठबंधन के पेंच में विकास की गाड़ी अटक सी गई है।

विधायक की पैरवी नजरअंदाज कर रहे अधिकारी, कैसे हो आमजन की मदद!
सपा से गठबंधन टूटने के बाद सुभासपा नेताओं का विपक्ष के रुप में दमदारी कमजोर पड़ने के बाद अब क्षेत्र के अधिकारी भी विधायक जी की पैरवी को नजरअंदाज कर रहे है। जिसके कारण आमजन के समस्या के निराकरण में बड़ी मुश्किलें खड़ी है। जिसके कारण विधायक जी का क्षेत्र से दूरी बनाना स्वभाविक हो गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा क्षेत्रीय जनता ठगा महसूस कर रही है। सपा गठबंधन के सुभासपा प्रत्याशी की जीत के बाद क्षेत्र के विकास को लेकर कई हवाई योजनाएं बनाई गई। जिनके पूरा होने की उम्मीद तो दूर अब आमजन के सामान्य समस्याओं के निराकरण में भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की लाचारी ने क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को कमजोर कर दिया है।

अधिकांश सुभासपा विधायकों की हालात एक जैसी
यूं तो यह हालात सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के लगभग सभी विधायकों का है। इधर सुभासपा में चल रहे अंतरविरोध के कारण भी बेल्थरारोड में भी पार्टी कार्यकर्ताओं में गुटबाजी की चिंगारी पहुंच गई है। अंदरखाने में अधिकांश सुभासपा कार्यकर्ताओं का सुभासपा विधायक से दूरी बनाने की सुगबुगाहट तेज है।

सुभासपा को बदनाम करने की चल रही साजिश, जल्द दूर होगा राजनीतिक संकट
– बेल्थरारोड सुभासपा विधायक हंसू राम ने कहा कि वे बेल्थरारोड के विधायक है और क्षेत्र के विकास के लिए सदैव हरसंभव प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को कमजोर और बदनाम करने की साजिश चल रहे है। राजनीतिक फायदे के लिए निम्न स्तर की चालबाजी और मऊ में सुभासपा विरोधी फंडिंग का खेल चल रहा है। जल्द ही इस राजनीतिक खेल का पटाक्षेप हो जायेगा।

प्रदेश में कुल छ विधायक है सुभासपा के
वर्तमान में यूपी विधानसभा में सुभासपा के कुल छ विधायक है। इनमें सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर जनपद के जहूराबाद विधानसभा से निर्वाचित है। जबकि जौनपुर के जफराबाद सीट से जगदीश नारायण, बस्ती के महादेव सीट से दूधनाथ, गाजीपुर जखनिया से बेदी प्रसाद, बलिया जनपद के बेल्थरारोड से हंसू राम और मऊ सदन सीट से अब्बास अंसारी सुभासपा के विधायक है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा ने सपा गठबंधन से कुल 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें सुभासपा ने छ सीटों पर जीत दर्ज किया। जबकि विगत 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन से सुभासपा ने 8 सीटों पर ताल ठोंककर चार सीट पर जीत दर्ज किया था। इस बार सुभासपा के विधायकों की संख्या तो बढ़ी थी किंतु वोट आॅफ प्रतिशत घट गया था।

विरोध के स्वर में कब तक खड़ी रहेगी सुभासपा की छड़ी!
सपा से गठबंधन टूटने के बाद नए ठौर की तलाश से पूर्व पार्टी के अंदर चल रहे विरोध के स्वर के बीच सुभासपा की छड़ी कब तक मजबूती से खड़ी रहती है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। वैसे 2024 के लोकसभा चुनाव से पूर्व सुभासपा के नए राजनीतिक गठबंधन का खुलासा होने की प्रबंल संभावना जताई जा रही है।



