“पूर्वोत्तर रेलवे को मिला नया अपर महाप्रबंधक, “विनोद कुमार शुक्ल ने संभाला पदभार
कई मेगा प्रोजेक्ट पूरे कराने का अनुभव”





“पूर्वोत्तर रेलवे को मिला नया अपर महाप्रबंधक, “विनोद कुमार शुक्ल ने संभाला पदभार
कई मेगा प्रोजेक्ट पूरे कराने का अनुभव”
“रेलकर्मियों में लोकप्रिय, सोन-घाघरा पर बने बड़े पुलों और माल गोदाम कॉरिडोर के रहे सूत्रधार”
वाराणसी: वरिष्ठ रेल अधिकारी विनोद कुमार शुक्ल (वी.के. शुक्ला) ने गुरुवार को पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक का कार्यभार संभाल लिया। इसके पूर्व वे बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) वाराणसी में प्रमुख मुख्य इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।
भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के 1990 बैच के अधिकारी श्री शुक्ल ने एमएनआईटी इलाहाबाद से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा आईआईटी दिल्ली से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने रेलवे करियर की शुरुआत 1991 में पूर्वोत्तर रेलवे में सहायक इंजीनियर के रूप में की थी।
अपने तीन दशक के लंबे कार्यकाल में श्री शुक्ल ने मंडल इंजीनियर, उप मुख्य इंजीनियर, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे डीएफसीसीआईएल, पटना रेलवे निर्माण संगठन तथा आरवीएनएल वाराणसी में भी प्रमुख जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
रेल निर्माण और दोहरीकरण की कई अहम परियोजनाएं उनके खाते में दर्ज हैं। इनमें सोन और घाघरा नदी पर पुलों का निर्माण, भटनी–औंड़िहार दोहरीकरण (125 किमी.), मुगलसराय–सोन नगर डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (120 किमी.) और गढ़वा–सिंगरौली दोहरीकरण (225 किमी.) जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में लोकप्रिय श्री शुक्ल के अपर महाप्रबंधक बनने से पूर्वोत्तर रेलवे में नई ऊर्जा और गति की उम्मीद जताई जा रही है।


