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बेल्थरारोड में ऐसे थे विधायक जी, सज्जनता में गए जेल और गंवाई विधायकी

1967 में सीयर से बने पहले समाजवादी विधायक, महज 444 वोट से दर्ज किया था जीत

R News Manch

बलियाः जनपद बलिया के सीयर विधानसभा क्षेत्र (वर्तमान में बेल्थरारोड विधानसभा) का 1967 में पहले ऐसे समाजवादी विधायक हुए, जो सच बोलने के कारण जेल भेज दिए गए और हत्याकांड में सजा होने पर उनकी विधायकी भी चली गई। आज की राजनीति में विधायकी भले ही रुतबा और पावर का दूसरा नाम हो किंतु उन दिनों तो विधायकी सिर्फ समाजसेवा का नाम हुआ करता था। उन दिनों न तो विधायक निधि का मोह था और न ही ठेकेदारी में करोड़ों का खेल।
तत्कालीन सीएम चैधरी चरण सिंह एवं सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के थे करीबी
दौर था 1967 का, उन दिनों बलिया जनपद के सीयर विधानसभा क्षेत्र से करीब 47 वर्ष की अवस्था में पहले समाजवादी विधायक के रुप में शिवलाल यादव सदन पहुंचे थे। वे इंटर पास थे। सच्चाई एवं सादगी के प्रतिमूर्ति शिवलाल यादव उन दिनों न तो किसी के दबाव में आते थे और न ही झूठ बोलते थे। वे तत्कालीन सीएम चैधरी चरण सिंह के काफी करीबी थे और 1967 में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ पहली बार सदन में पहुंचे। जानकार बताते है कि उन दिनों गरीबों की मदद के कारण वे क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन के आंख की किरकिरी हो गए थे। इसी बीच उनके विधानसभा क्षेत्र के पैतृक गांव मुबारकपुर के पास उभांव निवासी एक मुस्लिम युवक की खेत विवाद में पीटकर हत्या कर दी गई और पुलिस प्रशासन को मौका मिल गया। हत्याकांड मामले में पुलिस ने विधायक जी का नाम लपेट दिया। विधायक शिवलाल यादव के व्यवहार से सभी वाकिफ थे। उन दिनों अधिवक्ता लगातार उन पर दबाव देते रहे है कि घटना को लेकर उनके झूठे बयान को कोर्ट में बोल दें किंतु वे सीधे मुकर गए और उन्होंने झूठ बोलने से सीधे इंकार कर दिया। इस पूरे घटना की जानकारी उन्होंने बदनामी के कारण अपने करीबी रहे तत्कालीन सीएम चैधरी चरण सिंह को भी नहीं होने दी। जिसके कारण उन्हें न्यायालय ने मामले में दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुना दी और इस बीच उनकी विधायकी महज छ माह बाद ही चली गई। जिसे लेकर सीएम चैधरी चरण सिंह ने बाद में अफसोस भी जताया था। राजनीति में मिले धोखे और कानूनी पेंच से दुखी होकर वे राजनीति से पूरी तरह से विमुख हो गए है। सन 2000 में करीब 80 वर्ष की अवस्था में उनका निधन हो गया।
विधायकी बर्खास्त होने पर नहीं मिला पेंशन
पूर्व विधायक स्व. शिवलाल यादव के पौत्र रामाश्रय यादव उर्फ मुन्ना यादव ने बताया कि अपने तीन भाईयों में सबसे छोटे शिवलाल यादव राजनीति के बदले स्वरुप से अक्सर दुखी रहते थे। उन दिनों बतौर विधायक पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा न होने के कारण उन्हें आजीवन किसी तरह का पेंशन भी नहीं मिला। वर्तमान के युवा पीढ़ी भले ही शिवलाल यादव को न जानती हो लेकिन आज भी पुराने जानकार राजनीतिक चेहरे शिवलाल यादव के सादगी और सच्चाई की प्रतिमूर्ति मान उनके सामाजिक मूल्यों का लोहा मानते है।


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